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व्यापार समाचार
मुखपृष्ठ JUN. 11, 2021

अब हर रिफिल के समय रसोई गैस उपभोक्ता चुन सकेंगे अपना वितरक

नई दिल्ली ठ्ठ 10 जून (ए)रसोई गैस उपभोक्ता अब अपने वितरक के अलावा उसी कंपनी के दूसरे वितरक से भी सिलेंडर रिफिल करा सकेंगे।पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आज बताया कि जल्द ही चंडीगढ़, कोयम्बटूर, गुडग़ांव, पुणे और रांची के उपभोक्ताओं को प्रयोग के आधार पर यह सुविधा दी जाएगी। अपने सिलेंडर के लिए रिफिल बुक कराते समय उपभोक्ता को उनके क्षेत्र में सेवा देने वाले सभी वितरकों के विकल्प दिए जाएंगे। उनमें से उसे यह तय करना होगा कि वह किस वितरक से रसोई गैस सिलेंडर का रिफिल लेना चाहता है। ग्राहक को उसी तेल विपणन

98 Days 0 Hr ago
सिनेमा
मुखपृष्ठ FEB. 05, 2020

किशोर कुमार सम्मान से वहीदा रहमान अलंकृत

भोपाल द्य मध्यप्रदेश की संस्कृति मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ मुम्बई में सुप्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री वहीदा रहमान के निवास पर पहुंचीं और उन्हें मध्यप्रदेश शासन के राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान से अलंकृत किया। डॉ. साधौ ने वहीदाजी को सम्मान-स्वरूप 2 लाख रुपए, शॉल-श्रीफल और प्रशस्ति-पट्टिका सौंपी। इस अवसर पर प्रमुख सचिव पंकज राग भी उपस्थित थे। अभिनेत्री वहीदा रहमान ने राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान के लिए मध्यप्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का विशिष्ट वन्य-जीवन और हरियाली उन्हें बहुत पसं

589 Days 23 Hr ago

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संपादकीय
swadesh editorial
05Sep

swadesh editorial

ब्रेक के बाद शक्तिसिंह परमारकि सी की जाति गलत नहीं होती, जातियां भी गलत नहीं होती और जाति व्यवस्था भी गलत नहीं है... हाँ, जातिवाद गलत है, घातक है... जातियों से जुड़ी ऊंच-नीच की हीन भावना घातक है... जाति और वर्ण व्यवस्था ने तो हमारे सांस्कृतिक राष्ट्र के स
धर्मधारा
चित्त की अस्थिरता मनुष्य जीवन की दुर्बलता
17Jul

चित्त की अस्थिरता मनुष्य जीवन की दुर्बलता

धर्मधाराशास्त्रों में संसार को माया कहा गया है। कई बार लगता है कि जिस को हम स्पर्श करते हैं, देखते हैं, गंध लेते हैं, सुनते हैं और चख सकते हैं, वह यथार्थ है, माया कैसे हो सकता है। यह माया इस रूप में है कि, इस संसार की प्रत्येक वस्तु निरंतर परिवर्तनशील है। जो दिख रहा है, वह अगले ही क्षण में परिवर्तित हो जाएगा। जो हवा हमें स्पर्श कर रही है, अगले ही क्षण उसकी गति, गंध और दिशा बदल जाएगी। जिस कली को हम देख रहे हैं, अगले ही क्षण वह फूल बनने की दिशा में परिवर्तित हो जाएगी। सागर की लहरें निरंतर उठेंगी, परंतु उनका स
विशेष लेख
स्वाधीनता का अमृत उत्सव...
15Aug

स्वाधीनता का अमृत उत्सव...

संपादक की कलम से...शक्तिसिंह परमारभारत की स्वाधीनता के 75वें वर्ष के अवसर पर अगर हम समुद्र मंथन की भांति 14 रत्नों की प्राप्ति हेतु देश के इस अमृत महोत्सव का आत्ममंथन करें तो ऐसे अनेक विषय सामने आते हैं...जिन पर सरकार व समाज ने आजादी के बाद लगातार प्रयास किए हैं और आगे भी करते रहेंगे तो परिणाम सकारात्मक और शत-प्रतिशत प्राप्त होंगे...आज विदेश नीति के फलक पर भारतीय नेतृत्व दुनिया के सामने अपनी बात आंखों में आंखें डालकर कहने की स्थिति में है...वैश्विक मंचों पर भारत दमदारी से अपने राष्ट्रीय हितों और वैश्विक च
प्रेरणादीप
स्वाभिमान
17Jul

स्वाभिमान

प्रेरणादीपसिद्धांत की आयु कुल चौबीस वर्ष की थी, जब वे राजा अजानबाहु के राजदूत बनकर कौशांबी गए। उनको देखकर वहां का राजा हंसा और बोला-'लगता है अजानबाहु की सेना में कोई दाढ़ी-मूंछ वाला विद्वान नहीं, जो एक छोकरे को यहां भेजा गया।Ó सिद्धांत का स्वाभिमान फड़क उठा। उन्होंने कहा-'अजानबाहु को पता होता कि आप जैसा विद्वान भी विद्वत्ता की परख वेश से करता है तो निस्संदेह यहां किसी दढिय़ल बकरे को ही भेज दिया गया होता। यदि आप अजानबाहु के दूत से चर्चा करना चाहते हैं तो पहले व्यक्ति को उसके गुण, कर्म, स्वभाव से परखना