प्रेरणादीप

राष्ट्राभिमान

बात सन् 1942 की है। उन दिनों पूरा देश महात्मा गांधी के आह्वान पर 'करो या मरोÓ की भावना को लेकर आंदोलन कर रहा था। ऐसे समय में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति थे डॉ. अमरनाथ झा। विश्वविद्यालय में दीक्षान्त समारोह होने वाला था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के तत्कालीन गवर्नर विलियम को बुलाया गया था। नियत समय पर दीक्षान्त समारोह शुरू हुआ। गवर्नर विलियम ने आसन ग्रहण किया ही था कि उसकी नजर सामने फहराये तिरंगे पर गई। यह देखकर वह क्रोध से तमतमा उठा। वह गरजते हुए बोले- 'ये मेरा ..

क्रांतिवारी गोपी मोहन

क्रांतिवारी गोपी मोहन..