पीएफआई के घातक मंसूबे...
   Date23-Sep-2022

vishesh lekh
पीएफआई अर्थात पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया भले ही अपने को सामाजिक, सांस्कृतिक संगठन बताने की थोथी परिभाषा गढ़ता रहा, लेकिन वास्तविकता यह है कि जिस तरह 2004 से प्रतिबंधित स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के आतंकी सपोलों ने पूरे देश में अपने अराजक एवं दहशतगर्द कृत्यों के द्वारा लगातार शांति भंग करने का षड्यंत्र रचा और इसी के चलते सिमी पर लगातार भारत में प्रतिबंध लगाने की अवधि बढ़ाई गई... आज पीएफआई को सिमी के उत्तराधिकारी के रूप में पहचान मिल चुकी है.., क्योंकि यह संगठन आज दक्षिण भारत में बेहद मजबूत स्थिति प्राप्त कर चुका है और पीएफआई के हिंसक लड़ाकों के संपर्क इस्लामिक स्टेट से भी होने के साक्ष्य सामने आ चुके हैं... उसी दहशतगर्द मानसिकता के पोषक सिमी की कमी को पूरा करने या कहें कि उसका रिक्त स्थान भरने के लिए कट्टरपंथी, अलगाववादी और राष्ट्रघाती मंसूबे पालने वाले धड़ों ने पीएफआई को खड़ा किया है... पीएफआई का मूल मकसद भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की मंशा रखता है... जिसके लिए यह संगठन पहले पूरे देश में एक वृहद ढांचा खड़ा करने के षड्यंत्र भी लगातार रचता रहा है... गुरुवार को नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दर्जनभर राज्यों में छापामार कार्रवाई करके 100 से अधिक दहशतगर्दों को अगर हिरासत में लिया है और इनके अड्डों से अनेक तरह की आपत्तिजनक वस्तुएं व भड़काऊ साहित्य, यहां तक की नकदी के साथ ही नकली परिचय-पत्र भी जब्त किए हैं तो इन सब गड़बडिय़ों के पीछे छुपी वह हिंसक मानसिकता समझी जा सकती है, जिसमें कैसे भी त्योहारों के समय में भारत में कैसा दहशतपूर्ण माहौल निर्मित किया जाए.., ताकि लोग घरों में रहकर भी स्वयं को असुरक्षित महसूस करे... क्योंकि आंध्र, असम, दिल्ली, उत्तर, कर्नाटक, केरेला, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में जो पूरा मकडज़ाल पीएफआई का हिंसक मंसूबों के साथ सामने आया है, वह इस बात का प्रमाण है कि देश में एक गहरी साजिश चल रही है... आज पीएफआई 23 से अधिक राज्यों में सक्रिय रूप से न केवल मुस्लिम युवकों में कट्टरतापूर्ण विचारों का बीजारोपण करके उन्हें हिंसा के लिए भड़का रहा है, बल्कि अब रचनात्मक तरीके से, वैचारिक सम्मेलन के जरिये हिंसक मानसिकता के प्रचार में जुटा हुआ है... विगत वर्ष ही इंदौर-उज्जैन में पीएफआई की स्थानीय इकाई ने अपना स्थापना दिवस मनाने के लिए सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और चौराहों पर पाकिस्तानी झंडे ही नहीं लगाए, बल्कि ऐसे पम्पलेट भी प्रकाशित किए थे, जो आम युवा मुस्लिमों को हिंसक जिहाद के लिए प्रेरित करते नजर आते हैं.., तो दूसरी तरफ हिन्दुओं को बांटने के लिए यही पीएफआई दलित मुस्लिम गठजोड़ का कार्ड भी खेलकर अपने सम्मेलनों में दलितों को लुभाने वाली हिंसक कायरानाशैली का बेजा उपयोग करके पूरे माहौल को विषैला कर रहा है... ऐसे में पकड़ाए गए लोगों से सख्ती से पूछताछ के साथ ही मामले की तह तक जाने का यही सही समय है...
दृष्टिकोण
लम्पी संक्रमण और सतर्कता...
कोरोना महामारी में किस तरह से पूरा देश-विदेश विकट संकटों से जूझता रहा... ठीक उसी तरह से अब मध्यप्रदेश में लम्पी वायरस का तेजी से बढ़ता संक्रमण अनेक तरह की समस्याओं की तरफ संकेत कर रहा है... अगर समय रहते शासन-प्रशासन, पशु पालक एवं आमजन ने सतर्कता के साथ ही इस रोग से लडऩे की इच्छाशक्ति नहीं दिखाई तो स्थिति भयावह हो सकती है... क्योंकि यह लम्पी संक्रमण भी एक-दूसरे में वाहक रोग के रूप में पहुंचने वाले घातक लक्षण रखता है... जिन भी पशुओं में लम्पी वायरस संक्रमण के लक्षण दिखाई देते हैं, उनके पैरों में सूजन, मुंह से लगातार लार आना, आंख-नाक से पानी बहना और पूरे शरीर पर दो से पांच सेंटीमीटर तक की गठाने बन जाना प्रमुख लक्षण के रूप में है... इससे पशु में केवल रोग प्रतिरोधक क्षमता ही नहीं घटती, बल्कि गठानों के कारण पूरे शरीर में अकडऩ पैदा होने के साथ असहनीय पीड़ा भी पशुओं को होती है... अभी तक यह संक्रामक रोग मध्यप्रदेश के दो दर्जन से अधिक जिलों में फैल चुका है... मालवा-निमाड़ में ही करीब 13-14 जिले इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं... इंदौर संभाग में ही करीब 390 से अधिक गांवों में इस लम्पी वायरस संक्रमण के लक्षण पाए गए हैं... जहां पर पशुओं के इस संक्रामक रोग से मौत का सवाल है तो वह अधिकारिक रूप से तो 100 से अधिक बताया जा रहा है, लेकिन वास्तविकता में संख्या हजार के करीब पहुंच चुकी है... ऐसे में मुख्यमंत्री ने भविष्य के संकट को ध्यान में रखते हुए आपात बैठक करके न केवल भोपाल में रोग नियंत्रण कक्ष स्थापित करने की पहल की, बल्कि इस बात की भी सख्त हिदायत दी है कि लापरवाही बिल्कुल न बरतें, इस संक्रामक रोग के संबंध में न तो पशु पालक और न ही अधिकारी कोई जानकारी छुपाए, तभी लम्पी वायरस की रोकथाम और खात्मा संभव होगा...