26 जिलों में फैला लम्पी संक्रमण
   Date22-Sep-2022

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मुख्यमंत्री ने ली आपात बैठक, भोपाल में रोग नियंत्रण कक्ष स्थापित
2 दिन में आठ नए
जिले आए चपेट में
अभी तक 7686
मामले सामने आए
बुधवार द्य स्वदेश समाचार
गौवंशी पशुओं में होने वाली लम्पी बीमारी प्रदेश में तेजी से फैल रही है। अब प्रदेश के 26 जिलों में इसका संक्रमण है। दो दिन के भीतर आठ नए जिले इस बीमारी की चपेट में आए हैं। प्रभावित जिलों में अभी तक 7686 मामले सामने आए हैं। 101 पशुओं की मौत हुई है। 5432 स्वस्थ हो चुके हैं। बीमारी तेजी से बढऩे की वजह यह है कि प्रभावित जिलों से दूसरे जिलों में पशुओं का आवागमन नहीं रुक रहा है। मवेशियों को अलग रखने (आइसोलेट) में लापरवाही हो रही है।
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने बुधवार सुबह मंत्रालय में पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर रोकथाम के इंतजामों की समीक्षा की।
समय रहते नहीं उठाए गए कदम- नाथ - पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने ट्वीट कर कहा है कि प्रदेश सरकार कई दिनों से चीता इवेंट में लगी रही। प्रदेश में गायों की सुध नहीं लगी। समय रहते लम्पी बीमारी को रोकने के लिए कदम नहीं उठाए गए। कई जिलों में गायें तड़प कर मर रही हैं। सड़क दुर्घटना में भी गायें मर रही हैं, लेकिन प्रदेश सरकार को सुध नहीं है।
बचाव के लिए ये करें - ठ्ठ संक्रमित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखें। ठ्ठ कीटनाशकों से माध्यम से पशुओं के कीट, किलनी, मक्खी और मच्छरों को नष्ट करें ठ्ठ संक्रमित क्षेत्र से अन्य क्षेत्र में पशुओं का आवागमन रोकें। ठ्ठ पशुओं के बाजार, मेले और क्रय-विक्रय रोकें। ठ्ठ एक माह पूर्व रतलाम जिले के सेमलिया गांव में सबसे पहले लंपी वायरस के लक्षण दिखाई दिए थे। जिसके बाद नामली स्थित गौशाला और बरबोदना गांव में भी गायों में इस बीमारी के लक्षण मिले थे। अकेले सेमलिया गांव में ही 50 से अधिक गायों में लक्षण दिखाई दिए थे।