मोहम्मद साहब और ईसा के पूर्वज हिंदू थे
   Date21-Sep-2022

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मैं हस्ताक्षर कर देता तो नरसिम्हा राव सरकार में ही राम मंदिर और मस्जिद बन जाते
जयपुर द्य 20 सितंबर
शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा है कि सबके पूर्वज सनातनी, वैदिक और हिन्दू थे। मोहम्मद साहब, ईसा मसीह के भी पूर्वज सनातनी, वैदिक और हिन्दू ही थे। मोहम्मद साहब के पूर्वज कौन थे, ईसा मसीह के पूर्वज कौन थे, हिन्दू वैदिक सनातनी। पूर्वज तो सबके सनातनी वैदिक आर्य थे। इनके काल हैं या नहीं हैं। सनातन धर्म का समय है। इस कल्प में 1 अरब 97 करोड़ 29 लाख 49 हजार 122 वर्षों की हमारे यहां परम्परा है। शंकराचार्य जी ने कहा कि मेरे अलावा सभी शंकराचार्यों ने तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव सरकार के कहने पर रामालय ट्रस्ट पर दस्तखत कर दिए थे। इसका लक्ष्य अयोध्या में मंदिर और मस्जिद दोनों बनाना था। अगर मैंने हस्ताक्षर कर दिया होता तो राम मंदिर के अगल-बगल और आमने-सामने मस्जिद नरसिम्हा राव के शासनकाल में ही बन गए होते। मुख्मयंत्री योगी और उच्चतम न्यायालय ने मुस्लिम पक्ष को बाबरी के बदले 5 एकड़ जमीन दे दी रामलला के मंदिर बनने का सुयोग साधने वाले मोदी-योगी नहीं गिने जाते। किसके हस्ताक्षर नहीं करने पर नरसिम्हा राव के शासनकाल में मंदिर-मस्जिद नहीं बना? मेरे। क्योंकि मंदिर के साथ-साथ अगल-बगल आमने सामने मस्जिद बनने की योजना थी। मुझे श्रेय नहीं चाहिए, लेकिन सत्य तो सत्य ही है।
उन्होंने कहा कि बाकी सभी शंकराचार्यों-वैष्णवाचार्यों के हस्ताक्षर करने पर भी उस समय मंदिर नहीं बना। नरसिम्हा राव चाहते थे कि मंदिर के अगल-बगल और आमने सामने मस्जिद भी बने। मुख्यमंत्री योगी, संसद और उच्चतम न्यायालय ने मुस्लिम पक्ष को बाबरी मस्जिद के बदले 5 एकड़ जमीन दे दी। उन्होंने कहा कि अब मुस्लिम पक्ष को पसंसद, उच्चतम न्यायालय और उत्तर प्रदेश शासन की ओर से 5 एकड़ भूमि वैध रूप से प्राप्त है। मक्का को भी मात करने की शैली में वो मस्जिद बना ही सकते हैं, बनाने का अभियान चला। उसी की नकल काशी और मथुरा में होगी।