गुजरात के पूर्व गृहमंत्री चौधरी गिरफ्तार, करोड़ों का भ्रष्टाचार
   Date16-Sep-2022

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अहमदाबाद द्य 15 सितंबर (वा)
गुजरात के पूर्व गृहमंत्री विपुल चौधरी को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने गिरफ्तार कर लिया। उन पर दूध सागर डेयरी मेहसाणा के चेयरमैन रहते करोड़ों के भ्रष्टाचार का आरोप है, अब तक 500 करोड़ रु. तक के भ्रष्टाचार के 31 मामले सामने आए हैं। एसीबी ने मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका जताई है। प्रवर्तन निदेशालय की टीम भी जांच में शामिल हो सकती है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो एसीबी के संयुक्त निदेशक मकरंद चौहाण ने बताया कि पूर्व गृहमंत्री विपुल चौधरी मेहसाणा की दूध सागर डेयरी के चेयरमैन रहते फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पत्नी गीताबेन, पुत्र पवन चौधरी व चार्टर्ड अकाउंटेंट शैलेष परीख के नाम से कंपनियां बनाकर मिल्क कूलर, सूत की बोरियों की खरीद आदि में वित्तीय अनियमितताएं की है। विपुल चौधरी व सीए शैलेष को एसीबी ने प्राथमिक पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। सहकारी रजिस्ट्रार की ओर से पूर्व में की गई जांच में वित्तीय अनियमितता के 31 मामले सामने आए हैं। माना जा रहा है कि चौधरी की वित्तीय अनियमितता का आंकड़ा 500 करोड़ के पार हो सकता है।
जिला कॉ-ओपरेटिव रजिस्ट्रार ने डेयरी के स्पेशल ऑडिट का आदेश दिया जिसके विरोध में चौधरी ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया लेकिन वर्ष 2018 में हाईकोर्ट ने ऑडिट के आदेश दिए। सहकारी विभाग ने दो टीमें बनाकर डेयरी का ऑडिट कराया। दोनों टीमों ने 14-14 मामलों में वित्तीय अनियमितता उजागर की। इसकी रिपोर्ट अपराध शाखा को भेजी गई जहां उसके अध्ययन के बाद यह मामला एसीबी को सौंप दिया गया।
मकरंद चौहाण ने बताया कि प्राथमिक जांच में मनी लॉन्ड्रिंग होने की बात भी सामने आई है। उल्लेखनीय है कि चौधरी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय भी जांच कर सकता है। चौधरी बीते कुछ माह से उत्तर गुजरात में अर्बुदा सेना बनाकर आंजणा चौधरी समाज को एकजुट कर विधानसभा चुनाव लडऩे की तैयारी कर रहे थे। चौधरी, मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला की सरकार में गृहमंत्री रहे थे।
वे गुजरात कॉ-ओपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन के भी चेयरमैन रह चुके हैं।