तीन दिन में खत्म हुआ५ दिवसीय मानसून सत्र
   Date16-Sep-2022

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भोपाल द्य स्वदेश समाचार
मध्यप्रदेश विधानसभा का 13 सितम्बर से आरंभ हुआ पांच दिवसीय मानसून सत्र विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच भारी टकराव और हो-हल्ला के बीच तीसरे दिन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करना पड़ा।
बुधवार को पटल पर पेश किया गया अनुपूरक बजट गुरूवार को विपक्ष के हंगामे के चलते बिना चर्चा के ही पास हो गया। जबकि अनुपूरक बजट पर चर्चा के लिए ढाई घंटे का समय निर्धारित किया गया था। इसके अलावा 11 विधेयक भी बिना चर्चा के पारित कर दिए गए। इनमें से 4 पर गुरूवार को जबकि 7 विधेयकों पर अंतिम दिन शुक्रवार को चर्चा होनी थी। बुधवार को सत्र के तीसरे दिन विधानसभा की कार्रवाई ठीक 11 बजे प्रश्नकाल से आरंभ हुई, लेकिन पहले ही प्रश्न के साथ सत्तापक्ष की ओर से विधायक उमाकांत शर्मा और विपक्ष की ओर से पांचीलाल मेडा ने हंगामा शुरू कर दिया। दोनों ही विधायक उनके साथ अभ्रदता और मारपीट की बात कहकर उनकी जान को खतरा तक बता रहे थे। सदन में फटे कपड़े पहनकर पहुंचे मेड़ा ने रोते हुए आरोप लगाया कि उनके कपड़े विधायक उमाकांत शर्मा के लोगों ने फाड़े हैं।
वहीं उमाकांत शर्मा ने विधायक पांचीलाल मेडा से जान का खतरा होने की बात कही। इस हंगामे के बीच नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद ङ्क्षसह ने पोषण आहार में गड़बड़ी पर सदन में चर्चा कराए जाने की मांग अध्यक्ष से की। विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने कहा कि मामले पर मु यमंत्री अपना बयान दे चुके है। प्रश्नकाल होने दीजिए इसके बाद कमरे में बैठकर चर्चा कर लेंगे, लेकिन विपक्ष इसके लिए तैयार नहीं हुआ। आदिवासियों का अपमान, पोषण आहार में गड़बड़ी, विधायक से मारपीट जैसे मुद्दों को लेकर जब सदन में हंगामा नहीं रुका तो सदन की कार्रवाई पहले 10 मिनिट और फिर प्रश्नकाल तक के लिए स्थगित कर दी गई। इसी हंगामे के बीच सभी संशोधन विधेयक और अनुपूरक बजट पास हो गया। हंगामा होता देख मंत्री भूपेंद्र सिंह के अनुरोध पर अध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। (विस्तृत खबर पेज 3 पर देखें)