इन्दौर-उज्जैन में १-१ इंच बारिश
   Date15-Sep-2022

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भोपाल द्य 14 सितंबर (ब्यूरो)
मध्यप्रदेश में एक बार फिर से बारिश का दौर शुरू हो गया है। राजधानी समेत कई जिलों में रातभर से रुक-रुककर तेज बारिश हो रही है। भोपाल में सुबह से बारिश का दौर जारी है। इंदौर में रात में करीब एक इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। अशोक नगर, नर्मदापुरम, शिवपुरी, छिंदवाड़ा में भी बारिश का सिलसिला जारी है। उज्जैन में पिछले 24 घंटों में करीब एक इंच पानी गिर चुका है। तेज बारिश की वजह से शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। रामघाट स्थित मंदिर आधे से ज्यादा डूब गए हैं। यहां बने छोटे पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। रायसेन में भी मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यहां रातभर से कभी धीमी तो कभी तेज बारिश हो रही है। नर्मदापुरम के तवा डैम में पानी बढ़ गया है।
जलस्तर बढऩे से 3 गेट खोलकर 16 हजार 70 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे पहले मंगलवार को 11 गेट खोले गए थे। इस सीजन में तवा डैम के गेट 32 बार खुल चुके हैं। 15 जुलाई को पहली बार गेट खुले थे। वहीं सभी13 गेट 18 जुलाई, 15-16 अगस्त और 23 अगस्त को खुले। डैम की जलभराव क्षमता 1166 फीट है। इस बार सितंबर की 8 तारीख को ही डैम 100 फीसदी से ज्यादा भरा गया। जिस कारण सितंबर माह में मंगलवार को डैम के 11 गेट खोले गए। पिछले साल 15 सितंबर को पहली बार गेट खुले थे। जबकि इस बार 15 जुलाई को गेट खुले। 60 दिन में 32 बार गेट खोले गए हैं।
छिंदवाड़ा शहर से 15 गांवों का संपर्क कटा
छिंदवाड़ा में भी रातभर से रुक-रुककर कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश हो रही है। मंगलवार को तेज बारिश के बाद सौंसर और बहुआ ब्लॉक की सीमा से लगे 15 गांव नाले के उफान पर आने से शहर से कट गए। दोपहर में देवी और बड़ोस के बीच उफनाए नाले को पार करते समय बाइक सवार बह गया। किनारे खड़े ग्रामीणों ने उसे बाहर निकाला। पिपल से कोपरावाड़ी मार्ग पर जाम नदी के रपटे पर पानी आ गया। जिले में अभी तक 1452.1 मिमी (57 इंच) औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 863 मिमी (34 इंच) औसत वर्षा दर्ज की गई थी।
प्रदेश में दो सिस्टम और बनेंगे
मौसम विभाग के अनुसार इस महीने अब तक बारिश के लिए प्रदेश में दो सिस्टम बने, हालांकि ज्यादा बारिश नहीं होने से जुलाई और अगस्त की तुलना में 15 प्र. बारिश भी नहीं हो सकी। जिसके चलते मौसम विभाग ने इस महीने ज्यादा बारिश नहीं होने की उम्मीद जताई थी। हालांकि अभी दो और सिस्टम बनने की उम्मीद है। जिसमें से एक 17 सितंबर तक बनने की संभावना है। हालांकि उससे भी बहुत ज्यादा पानी गिरने की संभावना नहीं है।