पोषण आहार मामले में भ्रम फैला रही कांग्रेस
   Date15-Sep-2022

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मुख्यमंत्री ने सदन में दिया वक्तव्य-टेकहोम में गड़बडिय़ां कांग्रेस शासनकाल की
भोपाल द्य स्वदेश समाचार
मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन की कार्रवाई के दौरान विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। पहले तख्तियां लेकर विधानसभा में प्रवेश करने पर पुलिस द्वारा रोके जाने के विरोध में, इसके बाद पोषण आहार मामले में चर्चा को लेकर। महालेखाकार की पोषण आहार मामले में भेजी गई अनंतिम रिपोर्ट मामले में कांग्रेस स्थगन प्रस्ताव लाकर सदन में चर्चा कराना चाहती थी, लेकिन उससे पहले ही मुख्यमंत्री ने पोषण आहार मामले में भ्रम की स्थिति को स्पष्ट करने के लिए अपना वक्तव्य देकर कांग्रेस की तैयारी पर पानी फेर दिया। पोषण आहार के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच सदन में तीखी नोकझोंक हुई। विपक्ष के हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ने कहा कि पोषण आहार मामले में कांग्रेस ने भ्रम फैलाने की कोशिश की है। सरकार ने फैसला किया है कि व्यक्तव्य के माध्यम से सदन और जनता के सामने पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट की जाए। सदन में व्यक्तव्य देना सरकार का अधिकार है। इस अधिकार का अनेक बार इस्तेमाल हुआ है, लेकिन कांग्रेस को चर्चा से भागना था, क्योंकि कांग्रेस का तथ्यों से कोई मतलब नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सारी सच्चाई जनता के बीच में, जनता की अदालत में ले जाएंगे।
अमानक टेक होम राशन कांग्रेस शासनकाल का
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के समय में टेक होम राशन का परिवहन स्कूटर, मोटर साइकिल और कार से हुआ है, नंबर सहित मेरे पास है, हम इसकी भी जांच कर रहे हैं। टेक होम राशन अमानक स्तर का पाया गया था, वो कांग्रेस के शासन काल मार्च 2019 से जनवरी 2020 की अवधि का है। जिसका हमने 36 करोड़ रुपया रोका हुआ है। सभी तथ्यों की हम बारीकी से जांच कर रहे हैं, उसके आधार पर अंतिम कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने 2018 में तय किया था कि पोषण आहार की व्यवस्था महिला स्वसहायता समूहों के महासंघों को देने तथा 7 पोषण आहार संयंत्र बनाने का हमने फैसला किया, वो पोषण आहार संयंत्र बन भी गये। कांग्रेस की सरकार आई तो पोषण आहार संयंत्रों को 'एमपी एग्रोÓ के नाम पर ठेकेदारों को सौंपने का षड्यंत्र किया गया। हमारी सरकार आई तो हमने पोषण आहार तैयार करने का काम स्व-सहायता समूहों को फिर से दे दिया।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई -मुख्यमंत्री ने कहा कि महालेखाकार ने 2018 से 2021 के बीच महिला बाल विकास के कुछ कार्यों का ऑडिट किया, इसकी ड्रा ट रिपोर्ट है, इसको अंतिम नहीं माना जा रहा है। ऑडिट की प्रक्रिया को कांग्रेसी भी जानते होंगे सभी विभागों में ऑडिट की टीमें आती हैं और ऑब्जर्वेशन रिपोर्ट को ड्राफ्ट के रूप में विभाग के पास भेजती है, फिर विभाग से अपना पक्ष रखने की बात कही जाती है। अभी ड्राफ्ट रिपोर्ट आई है, विभाग जवाब दे रहा है। उसके बाद कैग को रिपोर्ट जाएगी, फिर विधानसभा में चर्चा होगी। हम तथ्यों को बारीकी से देख रहे हैं, कहीं गड़बड़ी पाई गई, तो हम स त कार्रवाई करेंगे।
104 अधिकारियों पर हुई कार्रवाई - मुख्यमंत्री ने कहा कि गडबड़ी सामने आने पर हमने अब तक 104 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। 22 अधिकारियों को निलंबित किया गया है, 6 को नौकरी से निकाल बाहर किया गया है। 3 अधिकारियों की पेंशन रोकी गई है। 2 की वेतनवृद्धि रोकी गई है। 40 की विभागीय जांच चल रही है और 31 अधिकारियों को लघु शास्ति दी गई है।