आत्मा की महत्ता
   Date05-Aug-2022

prernadeep
प्रेरणादीप
एक दिन राजा और महात्मा की भेंट हुई। महात्मा
ने आत्मा की महत्ता बताई और राजा अपने राज की महानता बखानने लगा। तब महात्मा ने राजा से पूछा-यदि तुम रेगिस्तान से घिर जाओ और प्यास से प्राण निकलने लगे और उस समय कोई पानी के बदले आधा राज मांगे, तो दोगे या नहीं?Ó राजा ने कहा-दूंगा।Ó फिर महात्मा ने पूछा-यदि तुम इतने बीमार पड़ जाओ कि बचने की कोई आशा न रहे, तब यदि कोई वैद्य शर्त के साथ इलाज करे और अच्छा करने की कीमत आधा राज्य मांगे तो दोगे या नहीं?Ó राजा ने कहा-'दूंगा।Ó महात्मा जी खिलखिलाकर हंस पड़े। उन्होंने कहा-'जो राज एक लोटा पानी और एक शीशी दवा के बदले दिया जा सकता है, उसका महत्व आत्मा से बढ़कर कैसे हो सकता है? जिस जीवन की रक्षा के लिए मनुष्य बड़े से बड़ा काम कर सकता है, उस जीवन के उत्कर्ष के लिए उसे राजपाट से भी बड़ी चीज का त्याग करने को उद्यत होना चाहिए।Ó