कई राज्यों में ऊर्जा क्षेत्र संकट में
   Date31-Jul-2022

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'उज्ज्वल भारत-उज्ज्वल भविष्य -ऊर्जा-2047Ó में प्रधानमंत्री ने चेताया
नई दिल्ली द्य 30 जुलाई (ए) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि वर्तमान में कई राज्यों में ऊर्जा क्षेत्र भारी संकट में है और जब ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है तो इसका असर प्रभाव पूरे देश पर पड़ता है।
श्री मोदी ने ऊर्जा मंत्रालय के 'उज्ज्वल भारत-उज्ज्वल भविष्य -ऊर्जा-2047Ó कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि देश के ऊर्जा पारितोषण क्षेत्र की हानि दुनिया के विकसित देशों की तुलना में कहीं ज्यादा है। उन्होंने कहा इसका मतलब ये है कि हमारे यहां बिजली की बर्बादी बहुत है और इसकी मांग पूरी करने के लिए हमें जरूरत से अधिक बिजली उत्पादन करना पड़ता है। ऊर्जा पारितोषण और पारेषण के दौरान होने वाले नुकसान को का कम करने के लिए राज्यों में जरूरी निवेश न होने का सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि इसके कारण अधिकतर बिजली कंपनियों के पास फंड की भारी कमी रहती है। उन्होंने कहा ऐसी स्थिति में कई-कई साल पुरानी ट्रांसमिशन लाइनों से काम चलाया जाता है, जिससे नुकसान बढ़ता जाता है और जनता को महंगी बिजली मिलती है। आंकड़ों से पता चलता है कि कि बिजली कंपनियां बिजली तो पर्याप्त पैदा कर रही हैं , इसके बावजूद उनके पास जरूरी फंड नहीं रहता। श्री मोदी ने कहा आपको ये जानकर हैरानी होगी कि अलग-अलग राज्यों का एक लाख करोड़ रुपए से अधिक का बकाया है।