कृषि, पशु पालन के क्षेत्र में डेयरी ने दिए प्रगति के नए अवसर
   Date29-Jul-2022

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प्रधानमंत्री ने साबर डेयरी की कई परियोजनाओं का किया उद्घाटन और शिलान्यास
हिम्मतनगर द्य 28 जुलाई (ए)
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि जैसे-जैसे सिंचाई की सुविधाओं का गुजरात में विस्तार हुआ वैसे-वैसे कृषि और पशु पालन के क्षेत्र में हमने बहुत विकास किया और डेयरी ने उसे बहुत बड़ी ताकत दी, अर्थव्यवस्था को स्थिरता दी, सुरक्षा भी दी और प्रगति के नए अवसर भी दिए। श्री मोदी ने आज गुजरात में साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर में साबर डेयरी की कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करके अपने संबोधन में कहा दो दशक पहले यहां क्या स्थितियां थी, ये आप भी जानते हैं और मैंने भी भलीभांति देखा है।
उन्होंने कहा आजकल हम गुजरात के कई हिस्सों में अतिवर्षा की चुनौती से जूझ रहे हैं। लेकिन गुजराती के लिए बारिश आना अपने आप में इतना बड़ा सुख और संतोष होता है जिसका अंदाजा बाहर के लोगों को नहीं है। कारण कि अपने यहां तो 10 वर्ष में पांच साल तो दुकाल पड़ता हो, हम बरसात के लिए इंतजार कर रहे हों। जब भरपूर वर्षा हो तो मन भी भर जाए। दुकाल की स्थिति का परिणाम बारिश होती थी, तो खेती में एक फसल ले सकते। पशु पालन में भी घास-चारा मिलने की मुश्किल। ऐसे दिन हमने देखे हैं और उस समय मैंने संकल्प लिया था कि स्थिति को बदलना है। इसलिए जैसे-जैसे सिंचाई की सुविधाओं का गुजरात में विस्तार हुआ, वैसे-वैसे कृषि और पशु पालन के क्षेत्र में हमनें बहुत विकास किया, वृद्धि की और डेयरी ने उसे बहुत बड़ी ताकत दी। अर्थव्यवस्था को डेयरी ने स्थिरता भी दी, डेयरी ने सुरक्षा भी दी और प्रगति के नए अवसर भी दिए। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा आज साबर डेयरी का विस्तार हुआ है। सैकड़ों करोड़ रुपए के नए प्रोजेक्ट यहां लग रहे हैं। आधुनिक टेक्नॉलॉजी से लैस मिल्क पाउडर प्लांट और ए-सेप्टिक पैकिंग सेक्शन उसमें एक और लाइन जुडऩे से साबर डेयरी की क्षमता और अधिक बढ़ जाएगी। आज इस नए प्लांट का भूमि पूजन हो रहा है।
वह भी साबर डेयरी के सामथ्र्य को बढ़ाने में मदद करेगा। मैं साबर डेयरी और इस सहकारी आंदोलन से जुड़े सभी भाई-बहनों को हृदय से बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। श्री मोदी ने गुजराती में कहा अने ज्यारे साबर डेयरी नी वात आवे अने भूराभाई नी याद ना आवे तो वात अधूरी रही जाय (जब साबर डेयरी में आते हैं तो भूराभाई को याद न करें तो बात अधूरी ही रह जाएगी। भूराभाई पटेल ने दशकों पहले जो प्रयास शुरू किया था वह आज लाखों लोगों का जीवन बदलने में मदद कर रहा है।