भारत में गरीब सपने देखता है और पूरा भी कर सकता है
   Date26-Jul-2022

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द्रौपदी मुर्मू अब महामहिम पन्द्रहवें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली, पहले संबोधन में कहा -
नई दिल्ली द्य 25 जुलाई (वा)
श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को संसद के केन्द्रीय कक्ष में देश के पन्द्रहवें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। इस सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचने वाली देश की दूसरी महिला तथा आदिवासी समुदाय पहली नेता ने अपने पहले संबोधन में देश के युवाओं के उत्साह और आत्मबल पर विश्वास जताते हुए कहा कि वह युवा पीढ़ी को उनके प्रयासों में पूरा सहयोग करेंगी। इस अवसर पर मुर्मू ने अपने पहले सम्बोधन में कहा कि राष्ट्रपति के पद तक पहुँचना, मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, यह भारत के प्रत्येक गरीब की उपलब्धि है। मेरा निर्वाचन इस बात का सबूत है कि भारत में गरीब सपने देख भी सकता है और उन्हें पूरा भी कर सकता है।
संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना ने श्रीमती मुर्मू को राष्ट्रपति पद की शपथ दिलायी। श्रीमती मुर्मू स्वतंत्र भारत में जन्म लेने वाली देश की पहली तथा सबसे युवा राष्ट्रपति हैं।
मोदी से मुलाकात, राजघाट भी पहुंचीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति भवन में नये राष्ट्रपति से आज मुलाकात करने वाले पहले नेताओं में थे। श्री मोदी श्रीमती मुर्मू के राष्ट्रपति भवन पहुंचने के बाद वहां गए और उनसे मुलाकात की। श्री मोदी ने ट्वीटर पर बधाई संदेश भी दिया। राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के लिए संसद भवन आने से पहले श्रीमती मुर्मू राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि राजघाट गयी और राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सेना के तीनों अंगों ने दी 21 तोपों की सलामी
शपथ ग्रहण समारोह के बाद श्रीमती मुर्मू और निवर्तमान राष्ट्रपति श्री कोविंद संसद भवन से पारंपरिक तरीके से काफिले के साथ राष्ट्रपति भवन के लिए रवाना हो गये। राष्ट्रपति भवन में श्रीमती मुर्मू ने सेना के तीनों अंगों की सलामी गादर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें 21 तोपों की सलामी भी दी गई। श्री कोविंद श्रीमती मुर्मू के साथ राष्ट्रपति कार्यालय तक छोडऩे की औपचारिकता पूरी की।
इसके कुछ देर बाद उन्होंने सलामी गारद की अंतिम सलामी ली और विदाई समारोह के बाद वह राष्ट्रपति भवन से अपने नये निवास की ओर रवाना हो गये।