न्यायाधीशों के खिलाफ सोशल मीडिया सक्रिय
   Date24-Jul-2022

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नई दिल्ली द्य 23 जुलाई (वा)
देश के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने न्यायपालिका की चुनौतियों और मीडिया के कार्य पर टिप्पणी करते हुए न्यायपालिका के भविष्य पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने यह भी कहा कि एक झूठा आख्यान बनाया गया है कि न्यायाधीशों का जीवन आसान होता है लेकिन वे जीवन की कई खुशियों, कभी-कभी महत्वपूर्ण पारिवारिक घटनाओं से चूक जाते हैं। नूपुर शर्मा केस पर एक फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए सीजेआई ने कहा कि जजों के खिलाफ सोशल मीडिया में कैंपेन चल रहा है।
सीजेआई एनवी रमना शनिवार को रांची के नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ कॉलेज में जस्टिस ऑफ ए जज पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। सीजेआई ने कहा कि आज इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया बिना जांचे-परखे कंगारू कोर्ट चला रहा है। जजों के खिलाफ कैंपेन -सीजेआई ने नूपुर शर्मा की पैगंबर मोहम्मद पर की गई टिप्पणियों के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जजों के खिलाफ सोशल मीडिया में कैंपेन चल रहे हैं।
जज तुरंत प्रतिक्रिया नहीं दे सकते लेकिन, इसे उनकी कमजोरी या लाचारी नहीं समझना चाहिए।