टेरिटोरियल आर्मी के 30 से 40 जवान दबे, 13 शव निकाले
   Date01-Jul-2022

er3
मणिपुर में जारी भारी बारिश के बाद भीषण भूस्खलन मेंं धंसा सेना का शिविर
इंफाल द्य 30 जून (ए)
मणिपुर में कई दिनों से जारी बारिश की वजह से भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटनाएं सामने आ रही हैं। बुधवार रात नोनी जिले के तुपुल रेलवे स्टेशन के पास हुए लैंडस्लाइड की चपेट में 107 टेरिटोरियल सेना का शिविर आ गया। इस हादसे के बाद दर्जनों जवान मिट्टी में दब गए। अब तक 13 जवानों के शव बाहर निकाले जा चुके हैं, जबकि 19 जवानों को रेस्क्यू किया गया है। वहीं, 30-40 से ज्यादा अभी दबे हुए हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह से बात कर स्थिति की जानकारी ली और केंद्र की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। बीरेन सिंह ने इस हादसे को लेकर एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। घायलों की मदद के लिए डॉक्टरों की एक टीम मौके पर रवाना हो गई है। असम और मणिपुर समेत पूर्वोत्तर के कई राज्यों में लगातार बारिश से बाढ़ के हालात बने हुए हैं। असम में तो 10 दिनों में अब तक करीब 135 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लाखों लोग प्रभावित हैं। वहीं, मौसम विभाग के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर और सिक्किम में आगे भी बारिश के आसार बने हुए हैं।
आम लोगों के भी दबे होने की आशंका-घायलों को इलाज के लिए नोनी आर्मी मेडिकल यूनिट लाया गया है। भूस्खलन के वजह से इजाई नदी का प्रवाह प्रभावित हुआ है। यह नदी तामेंगलोंग और नोनी जिलों से होकर बहती है। कुछ नागरिकों के भी मलबे में दबे होने की आशंका है।
एक अधिकारी का कहना है कि खराब मौसम की वजह से रेस्क्यू मिशन में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। सेना के हेलिकॉप्टर भी मौके पर पहुंच चुके हैं।