भारत सनातन राष्ट्र, सेवा ही हिंदुओं का संस्कार
   Date09-Jun-2022

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मालवा प्रान्त का 20 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग प्रथम वर्ष (विद्यार्थी) सम्पन्न, प्रांत सहकार्यवाह विनीत नवाथे ने किया मार्गदर्शन
बड़वाह/सनावद द्य स्वदेश समाचार
मैकाले शिक्षा पद्धति ने भ्रम फैलाया कि भारत कभी एक देश नहीं था। यह तो कई राज्यों का समूह है, जिसे अंग्रेजों ने एक सूत्र में बांधा, ऐसा समाज का मानस बना दिया गया था। सेवा हिंदुओं के संस्कार नहीं, सेवा सिर्फ ईसाई मिशनरी कर सकती हैं, ऐसी-ऐसी धारणाएं फैलाई गई जो झूठ साबित हुई है, क्योंकि भारत तो सनातन राष्ट्र है।
उक्त प्रखर विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रथम वर्ष शिक्षण वर्ग के समापन समारोह में संघ के प्रांत सहकार्यवाह व मुख्य वक्ता विनीत नवाथे ने संघ शिक्षा वर्ग प्रथम वर्ष में आए स्वयंसेवकों को मंगलवार सायं को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। इस मौके पर स्वयंसेवकों ने प्रकट कार्यक्रम प्रस्तुत किया। व्यक्ति निर्माण व लोक संस्कार का एक अनूठा उदाहरण है। 1925 में जब डॉ. हेडगेवार ने संघ प्रारंभ किया, तब की स्थिति व आज की स्थिति में ज्यादा अंतर नहीं है। डॉ. हेडगेवारजी ने शाखा पद्धति और संघ के स्वयंसेवकों ने जो अलग-अलग संगठन व प्रकल्प प्रारंभ किए उनके परिणाम भी हमें दिखाई देने लगे हैं। डॉ. हेडगेवार क्रांतिकारियों से व कांग्रेस से भी जुड़े हुए थे। आजादी के आंदोलनों में व सत्याग्रह में भी लगे हुए थे। डॉक्टर साहब सभी प्रकार के राष्ट्रीय जन-जागरण व भारतीय स्वतंत्रता के लिए जो प्रयास थे, सभी प्रयासों में सहभागी रहे। जब संघ की स्थापना की तब हिंदू समाज को लोग कहते थे कि हिंदू समाज कभी संगठित नहीं हो सकता, आज परिस्थितियां बदली हंै।
स्वामीजी के विचार, कार्य को डॉक्टरजी ने आगे बढ़ाया - स्वामी विवेकानंद के विचार और कार्य को डॉक्टर हेडगेवार ने आगे बढ़ाया, कहा गर्व से कहो हम हिंदू हैं। भारत हिंदू राष्ट्र है, कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी, अटक से लेकर कटक तक हम सब हिंदू हैं। भारतीय हिन्दू चिंतन भारतीय आयुर्वेद व भारतीय जीवन दर्शन को दुनिया स्वीकार करने लग गई है। हिंदू समाज ने अनेक संघर्ष, अनेक चुनौतियां, अनेक समस्याओं का समाधान अपनी संगठित शक्ति से कर दिखाया है। श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के परिणामस्वरूप आज भगवान श्रीराम का मंदिर स्थापित हो रहा है। हिंदू समाज मिलकर के अपने हित की जो बातें हैं उसे स्वीकार करवाने का भाव समाज में जाग्रत हो गया है। मिशनरी या सेवा कार्य करती हैं तो कन्वर्जन करवाती है। हिंदू समाज सेवा कार्य नि:स्वार्थ भाव से करता है। हिंदू समाज के साथ मिलकर सेवा भारती के डेढ़ लाख सेवा कार्य संघ के स्वयंसेवक चला रहे हैं। हिंदू समाज का परोपकार का भाव समाज जानने लगा है।
ठ्ठ इस अवसर पर मुख्य अतिथि परम् पूज्य गुरुदेव श्रीश्री 1008 अवधूत नर्मदानन्दजी ने सम्बोधित करते हुए स्वयंसेवकों को राष्ट्र भक्त बताया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 20 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग प्रथम वर्ष में शिक्षार्थियों ने दंड संचलन, दंड युद्ध, नियुद्ध, आसन समता योग आदि के प्रयोग किए।
ठ्ठ इस अवसर पर वर्गाधिकारी योगेंद्र भार्गव, वर्ग कार्यवाह सुनील बागुल, राजेन्द्र साद, प्रान्त शारीरिक शिक्षण प्रमुख कैलाश आंवले, प्रान्त प्रचारक बलिराम पटेल, वर्ग प्रबंध प्रमुख राधेश्याम जाट, विवेक भटोरे, अरुण जैन, मनीष नीम, रितनेश रघुवंशी के साथ बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।