बागी विधायक १२ जुलाई तक अयोग्य नहीं होंगे
   Date28-Jun-2022

fv3
नई दिल्ली द्य 27 जून (वा)
सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को एकनाथ शिंदे की याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में बागी विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने और डिप्टी स्पीकर नरहरि जरवाल की भूमिका पर सवाल उठाए गए थे। अदालत ने शिंदे गुट, महाराष्ट्र सरकार और शिवसेना की दलीलें सुनीं। इसके बाद कोर्ट ने विधायकों को अयोग्य ठहराने वाले डिप्टी स्पीकर के नोटिस पर जवाब देने के लिए 12 जुलाई तक का वक्त तय किया। अगली सुनवाई भी इसी दिन होगी। यह शिंदे गुट के लिए राहतभरा रहा। सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र भवन, डिप्टी स्पीकर, महाराष्ट्र पुलिस, शिवसेना विधायक दल के नेता अजय चौधरी और केंद्र को भी नोटिस भेजा है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी विधायकों को सुरक्षा मुहैया कराने और यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया है। डिप्टी स्पीकर को अपना जवाब 5 दिन के भीतर पेश करना है। इधर, महाराष्ट्र भाजपा ने अपने सभी विधायकों को 29 जून तक मुंबई पहुंचने को कहा है। पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनावीस के सागर बंगले पर भाजपा कोर ग्रुप की सोमवार शाम को हुई बैठक के बाद विधायकों के लिए यह फरमान जारी किया गया। इससे पहले पार्टी के सीनियर लीडर्स ने सियासी हालात पर चर्चा की और सुप्रीम कोर्ट के फैसले तक वेट एंड वॉच की रणनीति अपनाने का फैसला किया। सुप्रीम कोर्ट ने शिंदे गुट से सवाल किया कि आप पहले हाईकोर्ट क्यों नहीं गए। हमारे पास क्यों आ गए? इस पर शिंदे गुट की ओर से एडवोकेट नीरज किशन कौल ने कहा कि हमारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, हमें धमकाया जा रहा है और हमारे अधिकारों का हनन हो रहा है। ऐसे में हम आर्टिकल 32 के तहत सीधे सुप्रीम कोर्ट आ सकते हैं।सबसे जरूरी मुद्दा यह है कि स्पीकर या डिप्टी स्पीकर तब तक कुर्सी पर नहीं बैठ सकते हैं, जब तक उनकी खुद की स्थिति स्पष्ट नहीं है। डिप्टी स्पीकर ने इस मामले में बेवजह की जल्दबाजी दिखाई।