नशामुक्त गांव को मिलेगा 2 लाख का पुरस्कार
   Date28-Jun-2022

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भोपाल द्य 27 जून (ब्यूरो)
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि समरस पंचायतों में नशामुक्ति का अभियान चलाया जाए। नशामुक्त गांव को विशेष रूप से 2 लाख रुपए का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। ग्राम को नशामुक्त बनाने के लिए आपसी बातचीत और विभिन्न प्रेरणास्पद गतिविधियों से वातावरण निर्मित किया जाए। यह सुनिश्चित करें कि हमारी पंचायतें बेटी फ्रेंडली हों। समरस पंचायतों सहित सभी पंचायतों में बेटियों का मान-सम्मान और इज्जत बढ़े। बेटा-बेटी को बराबर माना जाए। मां, बहन, बेटी की तरफ गलत नजर से देखने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। समरस पंचायतों को अपने काम से पूरे देश में उदाहरण प्रस्तुत करना है। मुख्यमंत्री श्री चौहान मुख्यमंत्री निवास परिसर में निर्विरोध निर्वाचन द्वारा समरस पंचायतों का गठन करने वाले प्रतिनिधियों के अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नारी सशक्तिकरण को समर्पित गीत की ध्वनि के साथ दीप प्रज्ज्वलन तथा कन्या-पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री निवास आए पंचायत प्रतिनिधियों का मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्रसिंह सिसौदिया, सांसद रमाकांत भार्गव, पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुसमरिया, विधायक सीताराम आदिवासी सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम में सरपंचों द्वारा मुख्यमंत्री श्री चौहान का अभिनंदन किया गया। नर्मदापुरम जिले की तहसील बनखेड़ी की ग्राम पंचायत उमरधा की निर्विरोध निर्वाचित सरपंच सुश्री जागृतिसिंह जूदेव और सीहोर जिले के बुधनी जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत चिपरी के निर्विरोध निर्वाचित सरपंच अमित चौहान ने अपने अनुभव तथा ग्राम विकास को लेकर अपनी प्राथमिकताएं और कार्ययोजना प्रस्तुत की।
पंचायतों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था - मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि देश में सर्वप्रथम मध्यप्रदेश में ही पंचायतों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई। महिलाओं में नेतृत्व क्षमता के साथ कर्मठता की कोई कमी नहीं है। इंदौर ने महिला महापौर के नेतृत्व में स्वच्छता के क्षेत्र में देश में कीर्तिमान स्थापित किया है। ग्राम पंचायतों में निर्वाचित महिला पंचायत प्रतिनिधि जनता की सेवा और गांव के विकास में नए कीर्तिमान स्थापित करेंगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि समरस पंचायतों को अपनी प्राथमिकता तय कर कार्य करना होगा। हम यह प्रण लें कि गांव में कोई लड़ाई-झगड़ा नहीं होगा। यदि कोई विवाद होता है तो उसे बातचीत से सुलझाया जाएगा, जिससे हम अपना समय और पैसा कोर्ट-कचहरी में बर्बाद नहीं होने देंगे, साथ ही यह भी हमारी प्राथमिकता हो कि केन्द्र और राज्य की सभी योजनाओं का लाभ पंचायत के प्रत्येक पात्र व्यक्ति को उपलब्ध कराया जाए।
ग्राम पंचायत में सभी लोग मिल-बैठकर अगले पांच साल की विकास की कार्ययोजना तय करें और उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा क िजनता की सेवा, गांव का विकास, आंगनवाड़ी, स्कूल, पंचायत, सामुदायिक भवन का व्यवस्थित और परिणाममूलक संचालन हमारी प्राथमिकता हो। हम यह सुनिश्चित करें कि हमारी पंचायत में कोई बच्चा कुपोषित नहीं रहे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पंचायत प्रतिनिधियों को निर्विरोध निर्वाचित करने वाले ग्रामवासियों का आभार माना।