भारत में स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश करने के लिए आगे आएं
   Date28-Jun-2022

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बर्लिन द्य 27 जून (वा)
जर्मनी के श्लॉस एल्माऊ पैलेस में सोमवार को जी-7 समिट हुई। दुनिया के सबसे अमीर सात देशों (जी-7) से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आग्रह किया है कि वो भारत में स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश करने के लिए आगे आएं। भारत आज क्लीन इनर्जी का सबसे बड़ा बाजार बन गया है और जी-7 देश यहां रिसर्च, आविष्कार और मैन्युफैक्टरिंग में निवेश कर सकते हैं। भारत जैसे बड़े बाजार में नई टेक्नोलॉजी बड़ा स्केल दे सकता है, जिससे उस तकनीक को पूरी दुनिया के लिए किफायती बनाया जा सकता है। श्री मोदी ने अपने वक्तव्य में यूक्रेन-रूस युद्ध की वजह से ऊर्जा की कीमतों में हो रही वृद्धि और इससे गरीब परिवार पर पडऩे वाले असर का मुद्दा भी उठाया। इस मंच से
श्री मोदी ने इस तर्क को साफ तौर पर खारिज किया कि गरीब देश पर्यावरण को अधिक नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में विश्व की 17 फीसद आबादी रहती है, लेकिन वैश्विक कार्बन इमिशन में हमारा योगदान सिर्फ 5 फीसदी है। इसका मूल कारण हमारी जीवनशैली है जो प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व के सिद्धांत पर आधारित है। मोदी ने कहा कि, यह तो आप सभी मानेंगे कि ऊर्जा पर अमीरों का प्रिविलेज नहीं होना चाहिए, एक गरीब परिवार का भी ऊर्जा पर बराबर का हक है।