देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता- शाह
   Date27-Jun-2022

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केवडिय़ा में गृह मंत्रालय से सम्बद्ध संसदीय परामर्शदात्री समिति की बैठक
नई दिल्ली ठ्ठ 26 जून (वा)
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को सबसे अधिक महत्व देती है और अपराध का पता लगाने तथा रोकथाम के लिए प्रणालियों को मजबूत करने एवं प्रभावशाली कानूनों के माध्यम से लोककल्याण के प्रति कटिबद्ध हैं।
श्री शाह की अध्यक्षता में रविवार को गुजरात के केवडिय़ा में 'न्यायालयिक विज्ञान क्षमताएं - समयबद्ध और वैज्ञानिक जांच के लिए सुदृढ़ीकरणÓ विषय पर गृह मंत्रालय से सम्बद्ध संसदीय परामर्शदात्री समिति की बैठक हुई। बैठक में देश में उपलब्ध फोरेंसिक विज्ञान क्षमताओं, विशेष रूप से फोरेंसिक जांच पर आपराधिक न्याय प्रणाली की बढ़ती निर्भरता को ध्यान में रखते हुए व्यापक समीक्षा की गई। श्री शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय 90 प्रतिशत तक दोषसिद्धि दर हासिल करने और देश में नागरिक अनुकूल और प्रभावी आपराधिक न्यायप्रणाली प्रदान करने के प्रति कटिबद्ध है। उन्होंने अपराधियों द्वारा प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के मद्देनजऱ जांच एजेंसियों को उनसे एक कदम आगे रहने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया और कहा कि मोदी सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर पुलिस जांच, अभियोजन और फोरेंसिक के क्षेत्र में सुधारों के लिए त्रि-आयामी दृष्टिकोण पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि लक्षित दोषसिद्धि दर हासिल करने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित और साक्ष्य आधारित जांच पर ध्यान देने का ये सही समय है। श्री शाह ने समिति के सदस्यों को प्रस्तावित सुधारों को लागू करने के लिए आवश्यक क्षमता निर्माण की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की रूपरेखा के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय की स्थापना कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जनशक्ति के प्रशिक्षण के लिए की गई है ताकि उन्हें अपराध, विशेष रूप से साइबर अपराध, डार्क-नेट आदि का मुकाबला करने के लिए नई तकनीक के उपयोग में प्रशिक्षण दिया जा सके। इसके अलावा युवाओं की नई तकनीकों में विशेषज्ञता और नवाचार को आकर्षित करने के लिए हैकाथॉन भी आयोजित किए जा रहे हैं। फोरेंसिक क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित जनशक्ति प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है और केंद्र सरकार ने राज्यों से प्रत्येक राज्य में कम से कम एक कॉलेज को एनएफएसयू के साथ संबद्ध करने का अनुरोध किया है।