आपातकाल को देश की आने वाली पीढिय़ों को कभी भूलना नहीं चाहिए
   Date27-Jun-2022

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'मन की बातÓ की 90वीं कड़ी
नई दिल्ली ठ्ठ 26 जून (वा)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि आपातकाल में लोकतंत्र को कुचलने का जो काम हुआ और जनता के अधिकारों को जिस निर्ममता से मसला गया तथा लोगों ने तानाशाही के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से लड़ते हुए जिस तरह से लोकतंत्र बहाल किया आने वाली पीढिय़ों को इसिहास की इस घटना को कभी भूलना नहीं चाहिए।
श्री मोदी ने आकाशवाणी से प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम 'मन की बातÓ की 90वीं कड़ी में कहा कि जून महीने में ही 1975 में देश में आपातकाल लगाकर लोगों की अधिकारों को छीना गया था और लोकतंत्र के गले को घोटने का काम हुआ था। देश की आने वाली पीढिय़ां कभी इसे भुला नहीं सकती हैं। आपातकाल के दौरान लोगों के अधिकारों को छीन लिया गया था और उन पर तरह-तरह के प्रतिबंध लगाए गए थे। प्रधानमंत्री ने कहा- उस समय भारत के लोकतंत्र को कुचल देने का प्रयास किया गया था। देश की अदालतें, हर संवैधानिक संस्था, प्रेस, सब पर नियंत्रण लगा दिया गया था। प्रतिबंधों की ये हालत थी कि बिना स्वीकृति कुछ भी छापा नहीं जा सकता था। मुझे याद है कि तब मशहूर गायक किशोर कुमारजी ने सरकार की वाहवाही करने से इनकार किया तो उन पर प्रतिबंध लगा दिया गया। रेडियो में उनकी एंट्री हटा दी गई, लेकिन बहुत कोशिशों, हजारों गिरफ्तारियों और लाखों लोगों पर अत्याचार के बाद भी, भारत के लोगों का लोकतंत्र से विश्वास डिगा नहीं, रत्तीभर नहीं डिगा। हम लोगों में सदियों से जो लोकतंत्र के संस्कार चले आ रहे हैं, जो लोकतांत्रिक भावना हमारी रग-रग में है।