वापस नहीं होगी अग्निपथ योजना
   Date20-Jun-2022

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नई दिल्ली ठ्ठ 19 जून (ए)
सेना में भर्ती की अग्निपथ योजना को लेकर आज भी देश के कई हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन चल रहे हैं। सरकार इसे वापस लेने के मूड में बिल्कुल नहीं है। तीनों सेनाओं की तरफ से अग्निपथ योजना को लेकर आयोजित संयुक्त प्रत्रकारवार्ता में ये बात साफ कर दी गई कि इस योजना को वापस नहीं लिया जाएगा। सैन्य मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव, लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने बताया कि इस योजना के बारे में 1989 से चर्चा चल रही थी और काफी सोच-विचार के बाद इसे लागू किया गया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह एक प्रगतिशील कदम है और भारतीय सशस्त्र बलों की इस योजना की सख्त जरूरत है, इसलिए इसको वापस लेने का सवाल नहीं खड़ा होता।
लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने बताया कि यह सुधार लंबे समय से लंबित था। हम इस सुधार के साथ देश की तीनों सेनाओं में युवावस्था और अनुभव का अच्छा मिश्रण लाना चाहते हैं। उन्होंने तोडफ़ोड़ करने वालों को भी ऐसा नहीं करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि हमारे साथ जो अग्निवीर में जुडऩा चाहता है, वो लिखित में प्रतिज्ञा लेगा कि उसने किसी प्रदर्शन या तोडफ़ोड़ में हिस्सा नहीं लिया। फौज में पुलिस वेरिफिकेशन के बिना कोई नहीं आ सकता, इसलिए प्रदर्शन कर रहे छात्रों से अनुरोध है कि अपना समय खराब न करें। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि पहले इस योजना के बारे में विस्तार से जान लें। उन्होंने कहा कि जो इसकी डिटेल्स जानना चाहते हैं, वो आर्मी के भर्ती केंद्रों में जाएं। आर्मी के 84 भर्ती केंद्र हैं, हमारी यूनिट के 350 केंद्र हैं। वहां युवाओं को जाकर कहना है कि हमें अग्निपथ के बारे में बताएं। आप वीडियो देखें, आपको पता चलेगा कि कश्मीर में युवाओं को कैम्प में ट्रेनिंग तक दी जाती है। पत्रकारवार्ता में थलसेना की ओर लेफ्टिनेंट जनरल बंसी पोनप्पा, नौसेना की तरफ से वाइस एडमिरल दिनेश त्रिपाठी और एयरफोर्स की ओर से एयर मार्शल सूरज कुमार झा शामिल हुए। इनके अलावा तीनों सेना के एचआर हेड भी इस अवसर पर मौजूद रहे। एयर मार्शल एसके झा ने बताया कि भारतीय वायुसेना में 24 जून से अग्निवीरों के पहले बैच को लेने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यह एक ऑनलाइन सिस्टम है। उसी के तहत उस पर रजिस्ट्रेशन शुरू होगा।