पैगंबर विवाद पाक की साजिश
   Date15-Jun-2022

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भारत के मुसलमानों को उकसाने के लिए पाकिस्तानी पत्रकार ने पोस्ट किया फेक वीडियो, उसे वायरल भी कराया
नई दिल्ली द्य 14 जून (ए)
शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा को लेकर फैक्ट चेक आर्गनाइजेशन डिजिटल फारेंसिक्स रिसर्च एंड एनालिटिक्स सेंटर (डीएफआरएसी) ने बड़ा खुलासा किया। डीएफआरएसी ने रिपोर्ट में बताया कि पैगबंर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी को लेकर हुई हिंसा की साजिश पाकिस्तान में रची गई थी।
पाकिस्तान के पत्रकार असद खराल ने भारत में धार्मिक हिंसा भड़काने के लिए अपने ट्विटर अकाउंट से एक फेक वीडियो शेयर किया था। मॉब लिंचिंग के एक कथित वीडियो को शेयर कर खराल ने इसे हिंदू आतंकवाद का नाम दिया। खराल के इस ट्वीट को तीन हजार से ज्यादा बार रीट्वीट किया गया। खराल के शेयर करने के बाद ये वीडियो हिंदू आतंकवाद के नाम से जमकर वायरल हो गया। पाकिस्तान के पत्रकार ने जो वीडियो शेयर किया, वो 2 साल पुराना मध्यप्रदेश के
धार की एक घटना का है। 5 फरवरी 2020 को धार में लोगों की भीड़ ने 6 किसान मजदूरों को बच्चा चोरी के शक में लाठी-पत्थरों से बुरी तरह पीटा था। इसी वीडियो को झूठे दावे के साथ वायरल कर भारत में हिंसा भड़काई गई।
60 हजार से ज्यादा विदेशी अकाउंट से हुए भड़काऊ पोस्ट - डीएफआरएसी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि अलग-अलग देशों में 60 हजार से ज्यादा अकाउंट भारत में हिंसा भड़काने का काम कर रहे थे। इनमें 7 हजार से ज्यादा अकाउंट पाकिस्तान से चलाए जा रहे थे। सोशल मीडिया पर लगातार अलग-अलग हैशटैग, फेक वीडियो और भड़काऊ पोस्ट किए गए।