भारत की आजादी में अनगिनत क्रांतिकारियों का योगदान
   Date15-Jun-2022

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प्रधानमंत्री ने जल भूषण भवन का किया उद्घाटन
मुंबई द्य 14 जून (ए)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई के राजभवन में नवनिर्मित 'जल भूषणÓ भवन और क्रांतिकारियों की गैलरी 'क्रांति गाथाÓ का उद्घाटन किया। श्री मोदी पुणे से मुंबई के आईएनएस शिकारा हेलीपोर्ट पर जब उतरे तब महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उपमुख्यमंत्री अजित पवार और आदित्य ठाकरे ने उनकी अगवानी की। प्रधानमंत्री ने क्रांतिकारियों की गैलरी इतिहासकार और लेखक डॉक्टर विक्रम संपत के मार्गदर्शन में बनाई गई है और इसे उस वर्ष में समर्पित किया जा रहा है जब भारत आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है।'क्रांति गाथाÓ गैलरी 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर 1946 में मुंबई में नौसेना विद्रोह तक महाराष्ट्र के कई क्रांतिकारियों को भी याद करती है। इसमें वासुदेव बलवंत फड़के, चाफेकर बंधु, बाल गंगाधर तिलक, वीर सावरकर, बाबाराव सावरकर, क्रांतिगुरु लाहूजी, साल्वे, अनंत लक्ष्मण कान्हेरे, राजगुरु, मैडम भीकाजी कामा प्रमुख रूप से शामिल हैं।इस बीच नव पुनर्निर्मित 'जल भूषणÓ, महाराष्ट्र के राज्यपाल के निवास और कार्यालय का कम से कम 200 वर्षों का इतिहास है।मुंबई के राज्यपाल माउंटस्टुअर्ट एलफिंस्टन ने 1820 और 1825 के बीच मालाबार हिल पर 'प्रिटी कॉटेजÓ नाम से एक छोटा सा बंगला बनवाया था और अब इस जगह पर 'जलभूषणÓ की संरचना खड़ी है।इस स्थान पर एक नया भवन बनाने का निर्णय लिया गया क्योंकि पुरानी संरचना को रहने के लिए असुरक्षित पाया गया था। गत 18 अगस्त 2019 को, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नए 'जलभूषणÓ भवन की आधारशिला भी रखी थी। नई 'जलभूषणÓ में पुरानी वास्तुकला की मुख्य विरासत सुविधाओं को संरक्षित रखा गया है।
उद्घाटन के दौरान राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उप मुख्यमंत्री अजीत पवार, लोक निर्माण मंत्री अशोक चव्हाण, बंबई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता भी उपस्थित थे। श्री मोदी के साथ मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी एक ही मंच पर दिखे। भारतीय क्रांतिकारियों की गैलरी 2016 में राजभवन के नीचे खोजे गए बंकर में बनाई गई है। यह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के ज्ञात और अज्ञात क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि है।