जनभागीदारी से ही बाल संरक्षण परिणामोन्मुखी होगा - शिवराज
   Date13-Jun-2022

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भोपाल ठ्ठ 12 जून (ब्यूरो)
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में बाल संरक्षण के लिए सामाजिक भागीदारी के हरसंभव प्रयास सुनिश्चित किए जाएंगे। एक परिणमोन्मुखी एवं समावेशी बाल नीति के लिए चाइल्ड कंजर्वेशन फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ मिलकर सरकार आगे की कार्यनीति निर्मित करेगी।
श्री चौहान ने यह बात आज प्रशासन अकादमी में सीसीएफ के राष्ट्रीय सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कही। समापन समारोह में प्रदेश की संस्कृति मंत्री सुश्री उषा ठाकुर भी मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों का बेहतर औऱ समग्र विकास केवल सरकारी प्रयास से संभव नहीं है, इसके लिए समाज की व्यापक और प्रामणिक भागीदारी आवश्यक है, इसलिए मैं जहां भी जाता हूं, वहां कोविड ने अनाथ हुए बच्चों से मिलने का प्रयास करता हूं ताकि उन्हें यह अनुभूति सदैव बनी रहे कि पूरी सरकार उनके साथ परिवार भाव से पीछे खड़ी है। कुपोषण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल आंगनवाड़ी के बल पर दूर नहीं हो सकता है, इसके लिए समाज की भागीदारी भी जरूरी है। इसलिए मैंने खिलौने एकत्रित करने का अभियान आरम्भ किया और इसके नतीजे यह हुए कि भोपाल और इंदौर में ट्रकों से भरकर खिलौने जमा हो गए, साथ ही करोड़ों के चेक भी लोगों ने सौंप दिए। इसी संवेदनशील भाव से हम मप्र के बचपन को खुशहाल बनाने के लिए संकल्पित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चाइल्ड कंजर्वेशन फाउंडेशन जैसे संस्थान बालहित में काम कर रहे हैं और उन्हें जनभागीदारी के प्रामणिक प्लेटफार्म के रूप में खुद को समाज में स्थापित करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सभी कलेक्टर को निर्देश दिए है कि भिक्षावृत्ति औऱ बाल मजदूरी में संलग्न सभी बच्चों को बेहतर आश्रय औऱ उनके समग्र पुनर्वास किए जाएं।