राजराजेश्वरी माता का होना ही क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि- उत्तम स्वामी
   Date09-May-2022

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सनावद द्य (स्वदेश समाचार)
मोरटक्का स्थित राजराजेश्वरी मंदिर पर 3 दिनों से जारी प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव रविवार को यज्ञ की पूर्णाहुति एवं प्रतिमाओं के प्राण-प्रतिष्ठा के साथ सम्पन्न हुआ। महामंडलेश्वर महर्षि उत्तम स्वामी महामंडलेश्वर विवेकानंदपुरी एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकारिणी सदस्य सुरेश सोनी, क्षेत्रीय प्रचारक दीपक विस्फुटे, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, बौद्धिक प्रमुख सुहास भगत, उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव, कृषि मंत्री कमल पटेल ने काशी के विद्वान पंडित लक्ष्मीकांत दीक्षित के मंत्रोच्चार के बीच पूर्णाहुति एवं स्थापना की विधि सम्पन्न करवाई।
इस दौरान महर्षि उत्तम स्वामीजी ने कहा कि क्षेत्र में राजराजेश्वरी माता का होना ही क्षेत्र के लिए उपलब्धि है और उनकी कृपा क्षेत्र पर हमेशा बनी रहेगी। कई सालों से इस मंदिर की ख्याति दूर-दूर तक अपनी चमत्कारी घटनाओं से प्रचलित है। मंदिर का जीर्णोद्धार एवं नवनिर्माण होने के बाद अनेक लोग यहां पर आध्यात्मिक शांति के लिए आएंगे। महामंडलेश्वर विवेकानंद पुरी ने कहा कि नर्मदा किनारे ऐसे सिद्ध क्षेत्र होने के बाद साधु, संत, महात्माओं के लिए
तप एवं साधना के लिए जागृत स्थान है, जिसका लाभ नर्मदा परिक्रमावासी भी ले सकेंगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकारिणी सदस्य श्री सोनी ने कहा कि राजराजेश्वरी माताजी की प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में 3 दिनों से शामिल होकर पूजन एवं हर कार्य में सहभागिता निभाई। वहां पर अलग ही अनुभूति मिल रही है। भाजपा के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने भी इस जागृत स्थल से जुड़े हुए अनेक प्रसंग वहां मौजूद नागरिकों को सुनाए।
विशेष पूजन के साथ हुआ अनुष्ठान
काशी के विद्वान ब्राह्मण पंडित लक्ष्मीनारायण दीक्षित ने बताया कि राजराजेश्वरी माताजी की प्रतिमा की स्थापना में विशेष अनुष्ठान एवं पूजन किया गया, साथ ही यहां पर लगने वाले ध्वज को भी 108 कलश के जल से पवित्र किया। यहां सभी आयोजन एवं पूजन कार्य को लेकर विशेष मंत्रों का उपयोग कर यहां पर पूर्णाहुति एवं स्थापना की गई। इस दौरान इस दौरान रेवाराम कुमरावत, गोरेलाल बारचे, अध्यक्ष ईश्वरदास हिंदुजा, मंत्री राकेश यादव, बलराम पटेल, कमलेश शर्मा, कैलाश आंवले, राजेंद्र साद, उदयसिंह चौहान, विवेक भटोरे, कौशलेंद्र तोमर, राजील नाईक सहित बड़वाह, सनावद, खंडवा, खरगोन, इंदौर सहित प्रदेश के साथ महाराष्ट्र से भी नागरिक, संघ के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।