संकल्प लेकर बढ़ रहा आज का भारत
   Date03-May-2022

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यूरोप दौरा : बर्लिन पहुंचे मोदी, डेलिगेशन मीटिंग की, भारतीयों को किया संबोधित
युद्ध से कोई देश नहीं जीतता, सभी को नुकसान होगा
बर्लिन द्य 2 मई (ए)
अपनी तीन दिवसीय यूरोप दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को जर्मनी की राजधानी बर्लिन में भारतीय समुदाय के लोगों और कारोबारियों के एक सामुदायिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। भारतीय समुदाय के लोगों ने बहुत गर्मजोशी से मोदी-मोदी और भारत माता की जय के नारे लगाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। इन्हें संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आप सभी से मिलकर बहुत अच्छा लग रहा है। आपका ये प्यार और आपका आशीर्वाद मेरी बहुत बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि आज का भारत मन बना चुका है, संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है और आप भी जानते हैं कि जब किसी देश का मन बन जाता है तो वो देश नए रास्तों पर भी चलता है और मनचाही मंजिलों को प्राप्त करके भी दिखाता है।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी का बर्लिन एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत हुआ और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उन्होंने जर्मनी के चांसलर ओलाफ स्कोल्ज से मुलाकात की। चांसलर से मुलाकात के बाद श्री मोदी ने छठे भारत-जर्मनी अंतर सरकारी विचार-विमर्श आईजीसी की सह अध्यक्षता की। इस बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी शामिल हुए। बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज ने बर्लिन में हरित और सतत ऊर्जा साझेदारी पर हस्ताक्षर किए।
प्रधानमंत्री की स्कोल्ज के चांसलर बनने के बाद पहली मुलाकात है। जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज ने श्री मोदी को जून में जी-7 शिखर सम्मेलन में अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।
संबोधन की प्रमुख बातें
-यूक्रेन के संकट के आरंभ से ही हमने तुरंत युद्धविराम का आह्वान किया और इस बात पर जोर दिया था कि विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत ही एक मात्र उपाय है। हमारा मानना है कि इस युद्ध में कोई विजयी पार्टी नहीं होगी, सभी को नुकसान होगा, इसलिए हम शांति के पक्ष में हैं।
-मेरे और मेरे प्रतिनिधिमंडल के गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए मैं चांसलर ओलाफ स्कोल्ज का धन्यवाद करता हूं। मुझे खुशी है कि इस वर्ष ये मेरी पहली विदेश यात्रा जर्मनी में हो रही है।
-लोकतांत्रिक देशों के तौर पर भारत और जर्मनी कई कॉमन मूल्यों को साझा करते हैं। इन साझा मूल्यों और साझा हितों के आधार पर पिछले कुछ वर्षों में हमारे द्विपक्षीय संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
-हमारी पिछली आईजीसी 2019 में हुई थी, तब से विश्व में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं। कोविड-19 महामारी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर विनाशकारी प्रभाव डाला है।
-हाल की जियो-पॉलेटिकल घटनाओं ने भी दिखाया कि विश्व की शांति और स्थिरता कितनी नाजुक स्थिति में है और सभी देश कितने इंटरकनेक्टेड हैं।
-आज हम हरित और सतत विकास पर इंडो-जर्मनी साझेदारी की शुरुआत कर रहे हैं।
जर्मनी ने 2030 तक 10 बिलियन यूरो की अतिरिक्त विकास सहायता से भारत की हरित विकास योजना का समर्थन करने का निर्णय लिया है। हमने हरित हाइड्रोजन टास्क फोर्स की स्थापना की घोषणा की है।
-आज छठी आईजीसी से भारत-जर्मनी भागीदारी को एक नई दिशा मिली है। इस आईजीसी ने उर्जा और पर्यावरण दोनों क्षेत्रों में हमारे सहयोग को महत्वपूर्ण दिशा दिया है।
-मुझे विश्वास है कि आज किए गए निर्णयों का हमारे क्षेत्र और विश्व के भविष्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।