देश-समाज के विकास एवं प्रगति में योगदान देने में सक्षम बनें बेटियां
   Date03-May-2022

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भोपाल द्य 2 मई (ब्यूरो)
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि युवाओं में साहस और देशभक्ति की भावना प्रबल करने के लिए उन्हें देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की अनुभव यात्रा कराने के उद्देश्य से मां तुझे प्रणाम योजना शुरू की गई थी, जो कोविड के कारण स्थगित रही। प्रदेश की लाड़ली लक्ष्मियों को पंजाब के वाघा और हुसैनीवाला बॉर्डर भेजकर योजना का आज पुन: शुभारंभ किया जा रहा है। बेटियों के चरण पडऩे से शुरू हो रही यह यात्रा प्रदेश के युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने और देश के लिए समर्पण का भाव जागृत करने वाली सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान रवींद्र भवन भोपाल से योजना का पुन: शुभारंभ कर लाड़ली लक्ष्मी बेटियों को संबोधित कर रहे थे। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया, अपर मुख्य सचिव महिला-बाल विकास अशोक कुमार शाह, प्रमुख सचिव खेल एवं युवक कल्याण श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी, संचालक खेल एवं युवा कल्याण रवि कुमार गुप्ता भी उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे-मातरम के साथ हुई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने योजना में पंजाब के वाघा और हुसैनीवाला बार्डर जा रही 178 लाड़ली लक्ष्मियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दल प्रभारियों को सीमा पर तैनात वीर जवानों को भेंट किए जाने वाले राष्ट्रीय ध्वज तथा स्मृति-चिन्ह सौंपे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर देश की रक्षा के लिए डटे सैनिकों के प्रति सम्मान प्रकट करने, देश की रक्षा करते हुए शहीदों को नमन करने और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की कठिन परिस्थितियों से प्रदेश के युवाओं को रू-ब-रू कराने के उद्देश्य से मां तुझे प्रणाम योजना में अनुभव यात्राएं की जा रही हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने यात्रा में जा रही बेटियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे सैनिकों से उनके अनुभवों, कार्य की चुनौतियों के बारे में बातचीत आवश्य करें। सीमा क्षेत्र की शौर्य से भरी मिट्टी का तिलक करें, मिट्टी अपने साथ लाएं और अपने शहर, गांव, मोहल्ले के लोगों के साथ अपनी यात्रा के अनुभव साझा करते हुए सीमा क्षेत्र की मिट्टी से अपने परिजन और परिचितों का तिलक भी करें।