गुरुओं की साहस एवं सेवा की शिक्षा ने सिखों को बनाया एक
   Date30-Apr-2022

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नयी दिल्ली द्य 29 अप्रैल (वार्ता)
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सिख गुरुओं की 'साहस एवं सेवाÓ की शिक्षाओं को सिख समुदाय की सफलता का मंत्र बताते हुए कहा कि इसीलिए सिख परंपरा वास्तव में 'एक भारत, श्रेष्ठ भारतÓ की जीवंत परंपरा बनी है।
श्री मोदी ने आज शाम यहां सात लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री निवास पर सिखों के एक प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए ये उद्गार व्यक्त किये। इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी मौजूद थे। सिख संगत ने प्रधानमंत्री का अभिनंदन भी किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि गुरुद्वारों में जाना, सेवा में समय देना, लंगर पाना, सिख परिवारों के घरों पर रहना, उनके जीवन का हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा, यहाँ प्रधानमंत्री आवास में भी समय समय पर सिख संतों के चरण पड़ते रहते हैं। उनकी संगत का सौभाग्य मुझे मिलता रहता है। हमारे गुरुओं ने हमें साहस और सेवा की सीख दी है। दुनिया के अलग अलग हिस्सों में बिना किसी संसाधन के हमारे भारत के लोग गए, और अपने श्रम से सफलता के मुकाम हासिल किए। यही भावना आज नए भारत की भी है।
श्री मोदी ने कहा कि नया भारत नए आयामों को छू रहा है, पूरी दुनिया पर अपनी छाप छोड़ रहा है। कोरोना महामारी का ये कालखंड इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। महामारी की शुरुआत में पुरानी सोच वाले लोग भारत को लेकर चिंताएं जाहिर कर रहे थे। लेकिन, अब लोग भारत का उदाहरण दे रहे हैं। पहले कहा जा रहा था कि भारत की इतनी बड़ी आबादी, भारत को कहाँ से वैक्सीन मिलेगी, कैसे लोगों का जीवन बचेगा? लेकिन आज भारत वैक्सीन का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच तैयार करने वाला देश बनकर उभरा है।