मप्र गान को भी मिलेगा राष्ट्रगान जैसा सम्मान
   Date02-Nov-2022

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प्रदेश में स्थापना दिवस की जबरदस्त धूम, हर जिले में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम
संवाददाता ठ्ठ भोपाल
भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में मप्र का 67वां स्थापना दिवस समारोह धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि आज से राष्ट्रगान की तर्ज पर मध्यप्रदेश गान को खड़े होकर सम्मान देने की परंपरा शुरू कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज से जब भी मप्र गान होगा हम सभी खड़े होकर सम्मान देंगे। इसका सभी संकल्प लें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोगों को स्वयं को एवं अपने गांव को नशे से दूर रखने का संकल्प भी दिलवाया।
भोपाल देश की स्वच्छ राजधानी बनी-मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने मप्र स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि इंदौर लगातार छठवीं बार स्वच्छता में नंबर वन आया है। वहीं भोपाल देश की स्वच्छ राजधानी बनी है। मप्र बदल रहा है। एक जमाना था, जब मप्र डाकुओं के लिए जाना जाता था। मान सिंह, पान सिंह, मलखान सिंह पर फिल्में बनतीं थीं। मप्र के मंत्री का नक्सली गला काटकर ले गए थे।
सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए महाकाल लोक का निर्माण-मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उज्जैन में महाकाल लोक का निर्माण हुआ। सलकनपुर में देवी लोक का निर्माण हो रहा है। ओम्कारेश्वर में आदि गुरु शंकराचार्य की प्रतिमा बन रही है।