मप्र में फिल्म निर्माण की अपार संभावनाएं, बने फिल्म सिटी
   Date02-Nov-2022

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संवाददाता ठ्ठ भोपाल
मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस समारोह में शामिल होने आए प्रसिद्ध गायक शंकर महादेवन ने मध्य प्रदेश की संस्कृति और सभ्यता की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में फिल्म निर्माण की अपार संभावनाएं हैं। देश में यहां सबसे अधिक फिल्मों का फिल्मांकन होता है। उन्होंने मध्य प्रदेश में फिल्म सिटी बनाने की मांग करते हुए कहा कि इससे फिल्म निर्माण के और अधिक द्वार खुलेंगे।
भोपाल प्रवास पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए महादेवन ने कहा कि मध्य प्रदेशम ें सबसे ज्यादा वॉलीवुड की शूटिंग होती है। यहां फिल्म सिटी की सबसे ज्यादा जरूरत है, जो विभाग फिल्म और संगीत में सहयोग करते हैं। मप्र की प्रकृति और जो वातावरण है उसके लिए फिल्म सिटी से बड़ा संस्थान मप्र स्टेट ऑफ द आर्ट टेक्नोलॉजी के साथ बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने इस विषय को रखूंगा। उन्होंने कहा कि देश में करीब 11 जगहों पर शंकर महादेवन संगीत अकादमी संचालित है। मप्र में जिस तरीके से प्रतिभाएं निकलकर सामने आ रहीं हैं, यहां की सरकार यदि चाहेगी तो मप्र में भी शंकर महादेवन संगीत अकादमी स्थापित करेंगे। उन्होंने मेरी एहसान और लॉय की तिकड़ी ऊपर वाले की देन है कि हम तीनों को जोड़ा। हमें जुड़े हुए 28 साल हो गए हैं, न तो हमने कभी कोई पेपर साइन किया, ना ही हमारे बीच कोई करार हुआ। यह विश्वास पर आधारित बाउंडिंग है जो हमारे बीच हमेशा रहेगा और ऐसा नहीं है कि हमारे बीच कभी लड़ाई नहीं होती, हम लोग बहुत लड़ते झगड़ते हैं, बिल्कुल पति पत्नी की तरह लेकिन हम लोगों का फाइनल डेस्टिनेशन एक ही रहता है।
उन्होंने कहा कि मप्र स्थापना दिवस में आकर मुझे बहुत अच्छा लगा। मैं संस्कृति विभाग को धन्यवाद देता हूं। युवाओं में आज गायन को लेकर काफी क्रेज है और ऐसा नहीं है कि नए नए सिंगर आने से पुराने सिंगर कहीं गुम हो गए हैं, उन्होंने कहा कि किसी भी सिंगर के लिए यह जरूरी नहीं है कि वह टीवी पर आएगा, दिखेगा तभी चलेगा और अब तो हर स्टेज पर संगीत का कोई ना कोई इवेंट किया ही जाता है, बच्चे के पैदा होने से लेकर शादी-ब्याह, हल्दी, मेहंदी में संगीत का ट्रेंड देखा जा सकता है, तो संगीत कभी भी गुम नहीं होता और ना ही सिंगर। रियलिटी सिंगिग शो सारेगामापा लिटिल चैंप को लेकर शंकर महादेवन का कहना था कि बहुत अच्छे बच्चे आ रहे हैं। उनकी प्रस्तुति देखकर हम लोग सीट पर बैठ नहीं पाते, कूदते रहते हैं। वे शास्त्रीय संगीत को भी समझते हैं। मैं यह नहीं कहूंगा कि सभी प्रतिभागी कल प्लेबैक सिंगर ही बन जाएंगे लेकिन एक अच्छी शुरुआत तो हो रही है। शो को देखकर कह सकते हैं कि आने वाले समय में संगीत और नये गायकों का भविष्य सुनहरा है। बस कलाकार रियाज न छोड़े।