मोरबी का दर्द बांटने पहुंचे प्रधानमंत्री अपनों को खोने वाले परिवारों से मिले
   Date02-Nov-2022

rf4
स्वससे ठ्ठ गांधीनगर
गुजरात में पुल हादसे के दो दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोरबी पहुंचे हैं। उन्होंने यहां सिविल अस्पताल में घायलों का हाल जाना। इसके बाद वे अपनों को खोने वाले 26 परिवारों से पुलिस अधीक्षक कार्याल्य में मिले। उन्होंने यहां अधिकारियों के साथ बैठक भी की। मोरबी आते ही प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले घटनास्थल पहुंचकर मच्छू नदी पर टूटे पुल का मुआयना किया। मोरबी में 30 अक्टूबर की शाम हुए पुल हादसे में अब तक 135 शव बरामद हुए हैं। हादसे के तीसरे दिन मंगलवार को नेवी और एनडीआरएफ की टीमों ने एक बार फिर शवों की तलाश शुरू कर दी है। गुजरात में बुधवार को एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है।
अभी और शव फंसे होने की आशंका : एनडीआरएफ के अनुसार नदी में 2 और शव फंसे हो सकते हैं। 125 लोगों की टीम और 12 नावों के साथ गोताखोर तलाशी कर रहे हैं। उच्चतम न्यायालय से पुल हादसे की न्यायिक जांच की मांग की गई है। इस पर अदालत 14 नवंबर को सुनवाई करेगी। पुल का रखरखाव करने वाली ओरेवा कंपनी के दो प्रबंधक, पुल का रखरखाव करने वाले दो ठेकेदार, दो टिकट क्लर्क और तीन सुरक्षा गार्ड्स को गिरफ्तार कर लिया गया।
राहत एवं बचाव कर्मियों से मिले
मोदी ने मंगलावर को गुजरात के मोरबी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने हादसे में घायल लोगों का इलाज जानने के साथ, राहत एवं बचाव कार्य में अहम भूमिका निभाने वाले लोगों से भी मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने सभी के साहस की प्रशंसा की।
वरिष्ठ अधिकारियों के साथ की उच्च स्तरीय बैठक
प्रधानमंत्री ने मोरबी में केबल ब्रिज हादसे को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारियों को प्रभावित परिवारों के संपर्क में रहना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस दुखद घड़ी में उन्हें हर संभव मदद मिले।