आत्म-निर्भर और समृद्ध मध्यप्रदेश निर्माण का संकल्प
   Date01-Nov-2022

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मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर विशेष
शिवराज सिंह चौहान
मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश
मेरे प्यारे प्रदेशवासियों...
आप सभी को मध्यप्रदेश के 67वें स्थापना दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ...।
आज का दिन हमारे लिए आनंदित होने और ख़ुशियाँ मनाने का दिन है। उल्लास और उत्सव का अवसर है। यह स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव आयोजन का वर्ष है। आज मध्यप्रदेश के उन बलिदानियों को भी याद करने का दिन है जिन्होंने भारत की स्वाधीनता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। मैं सभी अमर बलिदानी क्रांतिवीरों, जननायकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन करता हूँ।
मध्यप्रदेश स्थापना दिवस का आयोजन हमारी संस्कृति और उसके जुड़ाव का प्रतिबिम्ब है, अपनत्व का प्रकटीकरण है, मध्यप्रदेश निर्माण का संकल्प और दृष्टिकोण है। पिछले कुछ वर्षों में प्रदेशवासियों ने समभाव से मध्यप्रदेश के गौरव और समृद्धि को विस्तार दिया है। मध्यप्रदेश की निरंतर प्रगति और निर्माण ने हमारे आत्म-विश्वास को बढ़ाया है। मध्यप्रदेश न केवल भौगोलिक दृष्टि से देश का हृदय प्रदेश है, बल्कि अपनी बहुरंगी, बहुमुखी विशेषताओं के कारण यह देश के दिल की धड़कन भी है। यह वन, अन्न, खनिज, कला, पर्यटन, शिल्प, कृषि और जल संपदा से समृद्ध है।
मध्यप्रदेश की 67 वर्ष की इस यात्रा में कई उतार-चढ़ाव आए हैं। पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश पिछड़े और बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर निकलकर अग्रणी राज्य बन गया है। आज हम आत्म-निर्भर और समृद्ध मध्यप्रदेश की दिशा में अग्रसर हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के 'सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयासÓ के मंत्र को आत्मसात करके ही हम आगे बढ़ रहे हैं। हमने जन-कल्याण, सुराज और विकास की त्रिवेणी को शासन तंत्र का आधार स्तंभ बनाकर जनता के जीवन को बदलने का काम किया है।
आज का दिन भारत के गौरवशाली, वैभवशाली, शक्तिशाली और समृद्धशाली इतिहास को स्मरण करने और 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने के लिए स्वयं को तैयार करने का अवसर भी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने चुनौतियों को अवसर में बदलने के लिए हमें आत्म-निर्भर भारत के निर्माण का संकल्प दिया है। मध्यप्रदेश इस संकल्प की सिद्धि के लिए प्रयासरत है।
हमारे निरंतर प्रयास और प्रदेश की जनता के सहयोग से मध्यप्रदेश ने हर क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित किए हैं। सड़क निर्माण कर आवागमन सुनिश्चित करने के निरंतर प्रयासों का परिणाम है कि वर्ष 2003 में जहां मात्र 44 हज़ार किलोमीटर सड़कें थीं, अब 3 लाख किलोमीटर क्षेत्र की सड़कों का विस्तार हुआ है। पहले प्रदेश में बिजली कभी-कभी आती थी, अब हमें याद ही नहीं है कि कभी बिजली जाती भी है। वर्ष 2003 में विद्युत क्षमता 5 हज़ार 173 मेगावॉट थी, जो अब बढ़कर 22 हज़ार 672 मेगावॉट हो गई है। प्रदेश में सभी को 24 घंटे और किसानों को 10 घंटे नियमित बिजली की उपलब्धता से हमारे किसान समृद्ध हैं और आमजन ख़ुशहाल।
मध्यप्रदेश ने देश में पहली बार चिकित्सा की पढ़ाई हिंदी में शुरू कर इतिहास रचा है। प्रदेश में पहले 5 चिकित्सा महाविद्यालय थे, जो अब बढ़कर 24 हो गए हैं। इससे चिकित्सा शिक्षा के साथ बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित हुई हैं। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्कूली शिक्षा के आधुनिकीकरण और उनके सर्वांगीण विकास के लिए सीएम राइज स्कूल शुरू किए गए हैं। प्रदेश के युवाओं को रोजग़ार, स्वरोजग़ार और उनके कौशल उन्नयन के विविध आयामों में हर महीने रोजग़ार दिवस का आयोजन, ऋण उपलब्ध करवाना और प्रदेश में नई स्टार्टअप नीति को लागू करके संत रविदास ग्लोबल स्किल पार्क शुरू करने जैसे कार्य हुए हैं।
प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से प्रारंभ जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी है। प्रदेश का बुरहानपुर जिला देश का प्रथम हर घर जल प्रमाणित जिला बना है। प्रदेश में मिशन के जरिए 6 हज़ार 675 गाँवों के सभी परिवारों के घर में नल से जल पहुँचाया जा चुका है।
प्रदेश ने जहाँ स्वच्छता रैंकिंग में देश में पहला स्थान प्राप्त किया है वहीं 72 वर्ष बाद कूनो राष्ट्रीय अभयारण्य में चीतों की पुनर्स्थापना हुई है। प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। लाड़ली लक्ष्मी योजना ने समाज को नई दिशा दी है और बेटियों का मान-सम्मान बढ़ाया है। स्व-सहायता समूहों के जन-आंदोलन से मध्यप्रदेश की महिलाओं ने स्वावलंबन और आर्थिक समृद्धि के नए कीर्तिमान रचे हैं।
अधोसरंचना, समाज निर्माण और निवेश की चमक के साथ जनवरी 2023 में, इंदौर में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होना है। मध्यप्रदेश इन्वेस्टर फ्रेंडली प्रदेश है, यहाँ औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित करने की सभी आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इंडस्ट्रियल हब और देश के स्वच्छतम शहर इंदौर में आगामी प्रवासी भारतीय सम्मेलन का आयोजन भी प्रदेश के लिए ऐतिहासिक है, इससे मध्यप्रदेश में निवेश और विकास की नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। मध्यप्रदेश की समृद्ध प्राकृतिक संपदा, अन्नदाता का परिश्रम, अन्य सभी क्षेत्रों की सहभागिता और दृढ़ इच्छाशक्ति से प्रदेश की विकास दर 19.74 प्रतिशत के साथ देश में सर्वश्रेष्ठ है। प्रदेश की स्थापना से लेकर वर्ष 2003 तक यहाँ सिंचित क्षेत्र साढ़े 7 लाख हेक्टेयर था, जो अब 45 लाख हेक्टेयर हो गया है। किसानों को ब्याज रहित ऋण और बिजली-पानी की समुचित व्यवस्था से कृषि विकास दर जो 2003 में मात्र 3 प्रतिशत थी अब बढ़कर 18.89 प्रतिशत है। प्रदेश लगातार 7 वर्षों से प्रतिष्ठित कृषि कर्मण अवॉर्ड से सम्मानित हो रहा है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत विश्व के कल्याण में अपना योगदान दे रहा है। उन्होंने ग्लासगो जलवायु सम्मेलन में संकल्प लिया है कि भारत वर्ष 2070 तक शुद्ध कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करेगा। उनके इस संकल्प की प्राप्ति के लिये हम कृत संकल्पित हैं। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा और उनके मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी प्रगति पर है। प्रदेश के रीवा में सौर ऊर्जा संयत्र की स्थापना के बाद नीमच, शाजापुर, मुरैना, छतरपुर में भी सौर ऊर्जा के उत्पादन का कार्य चल रहा है। ओंकारेश्वर बांध पर दुनिया की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सौर परियोजना से मध्यप्रदेश को हार्ट ऑफ इंडिया के साथ लंग्स ऑफ इंडिया बनाने का प्रयास है।
मुझे विश्वास है कि जन-कल्याण और सुराज के लिए, प्रदेश की उन्नति और आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के स्वप्न को साकार करने के लिए आपका सहयोग और स्नेह हमें मिलता रहेगा। आइये, हम सब मिलकर आत्म-निर्भर और समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण का संकल्प लें। मध्यप्रदेश प्रगति और विकास पथ पर और आगे बढ़े, इसके लिए मैं अपने आपको समर्पित करता हूँ और आप सबका सहयोग चाहता हूँ।
आप सभी को अपने मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर एक बार पुन: बधाई और शुभकामनाएँ...।