142 की मौत, ओरेवा कंपनी के मैनेजर सहित नौ गिरफ्तार
   Date01-Nov-2022

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स्वससे ठ्ठ गांधीनगर
गुजरात के मोरबी पुल हादसे में मृतकों की संख्या सोमवार को 142 तक पहुंच गई। इनमें 45 की उम्र 18 साल से कम है। बच्चे हैं। मृतकों में महिलाओं और बुजुर्गों की संख्या ज्यादा है। 170 लोगों को बचाया गया है। हादसा रविवार शाम 6.30 बजे तब हुआ, जब 765 फीट लंबा और महज 4.5 फीट चौड़ा झूलता पुल टूटकर मच्छु नदी में समा गया। 143 साल पुराना पुल ब्रिटिश शासन काल में बनाया गया था। इस बीच रखरखाव करने वाली कंपनी ओरेवा पर प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद पुलिस ने कंपनी के प्रबंधक, दो क्लर्क, रखरखाव करने वाले ठेकेदार सहित नौ जिम्मेदार लोगों को हिरासत में ले लिया है। इसके अलावा 50 लोगों की टीम जांच में जुटी है। फोरेंसिक सूत्र के अनुसार, पुल का पुराना केबल भारी दबाव के कारण टूटा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को मोरबी पहुंच रहे हैं।
राष्ट्रीय एकता दिवस पर बोलते बोलते रो पड़े प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी आज केवडिय़ा में राष्ट्रीय एकता दिवस पर बोल रहे थे। इस दौरान वे भावुक हो गए। कहा- जिन लोगों को अपना जीवन गंवाना पड़ा, उनके परिवारों को प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। बचाव कार्य में एनडीआरएफ, सेना और वायुसेना की टीमें लगी हुई हैं। लोगों को दिक्कतें कम हों, ये कोशिश है। प्रधानमंत्री मोदी सोमवार दोपहर को बनासकांठा पहुंचे, यहां उन्होंने कई परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इस दौरान ब्रिज हादसे पर बात करते हुए वे भावुक हो गए।
हादसे की ये रही वजह
बनने के बाद से पुल का कई बार रेनोवेशन किया जा चुका है। हाल ही में दिवाली से पहले इसके मरम्मत का काम 2 करोड़ की लागत से किया गया था। मोरबी के भाजपा सांसद मोहन कुंडारिया का कहना है कि पुल टूटने से जहां लोग गिरे, वहां 15 फीट तक पानी था। कुछ लोग तैरकर बाहर निकल आए, लेकिन कई लोग झूले पर अटके रहे।
किसी का सुहाग उजड़ा तो किसी की कोख
मोरबी हादसे में किसी ने औलाद खो दी, किसी ने जीवन साथी। किसी की कोख में ही उसकी औलाद की कब्र बन गई। किसी के अपने उसकी आंखों के आगे डूब गए। सोमवार की सुबह से हर ओर ऐसे ही मंजर दिखाई दे रहे हैं।