सात माह से धरने पर बैठे उम्मीदवार अब टूटने लगी जूझने की ताकत
   Date01-Nov-2022

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चार विषयों की चयन प्रक्रिया नहीं हुई शुरू, उम्मीदवार लगा रहे रोकने के आरोप
भोपाल ठ्ठ स्वदेश समाचार
उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती में चयनित उम्मीदवार पिछले सात महीने से धरने पर डटे हुए हैं। विशेषकर चार विषयों की चयन प्रक्रिया पर फिलहाल कोई विचार नहीं करने से उनके सब्र का बांध टूटने लगा है। उम्मीदवारों ने आरोप लगाया है कि शासन ने अन्य विषयों के उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाने के लिए जानबूझकर हमारी प्रक्रिया रोकी गई है।
धरने पर डटे उम्मीदवारों बताया कि मध्यप्रदेश शिक्षक भर्ती-2018 में उच्च माध्यमिक शिक्षक के कुल 16 विषयों की परीक्षा की गई थी। जिसमें ओबीसी की नियुक्ति में 2 तरह से आरक्षण नियमों को लागू किया गया है। जिसमें 12 विषय को 27 प्रतिशत आरक्षण के हिसाब से नियुक्ति दी गई है, जबकि 4 विषय में 14 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण की हिसाब से नियुक्ति दी गई है। जो एक ही भर्ती में दो प्रकार के आरक्षण को लागू करना सबसे बड़ी विसंगतियां और 4 विषय हिंदी, राजनीति, इतिहास और भूगोल वालों के साथ अन्यायपूर्ण हैं। अधिकारियों से जवाब मांगने पर जानकारी दी जाती है कि हमें ऊपर से निर्देश दिए गए हैं कि 4 विषयों के ओबीसी को होल्ड करना है और 12 विषयों के ओबीसी को नियुक्ति देना है। अत: इन 4 विषय के होल्ड ओबीसी चयनित शिक्षक पिछले 21 मार्च 2022 से लोक शिक्षण संचनालय भोपाल के सामने अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे हुए हैं। एक ही भर्ती में दो तरह से ओबीसी आरक्षण लागू कैसे हो सकता है। विभाग जानबूझकर 4 विषयों को होल्ड करके आरक्षण के नाम पर मोहरा बना रही है। जबकि उच्च न्यायालय द्वारा कोई भी आदेश चार विषयों को होल्ड करने के संदर्भ में नहीं दिया है फिर भी विभाग इन विषयों को बार-बार होल्ड कर रहा है। अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे हुए 7 माह हो गए हैं, लेकिन अभी तक इन 4 विषयों की नियुक्ति के संदर्भ में कोई भी कार्यवाही नहीं हुई है। अभी हाल ही 22 अक्टूबर को जनजाति विभाग ने सभी विषयों की नियुक्ति पत्र जारी किए हैं, जिसमें इन चार विषयों को होल्ड करके बाकी सभी विषयों में ओबीसी को नियुक्ति दे दिया गया है। पात्र अभ्यर्थी रंजीत गौर ने बताया कि स्कूल शिक्षा एवं जनजाति विभाग से एक ही अभ्यर्थी का नाम बार-बार चयन सूची में सम्मिलित किया जा रहा है, जिससे अन्य पात्र अभ्यर्थियों का नुकसान हो रहा है। अत: एक अभ्यर्थी का नाम एक ही सूची में सम्मिलित किया जाए, शिक्षक नियोजन प्रक्रिया 2018 के नियम 8 व उपनियम 8.3 के अनुसार एक अभ्यार्थी का नाम एक ही नियोक्ता सूची में सम्मिलित करने का प्रावधान है, उसके बावजूद भी शिक्षक भर्ती के द्वितीय चरण में दोनों विभागों से जो संयुक्त काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की गई है, उसमें जनजातीय विभाग में पहले से नियुक्ति ले चुके 2018 की शिक्षक भर्ती के चयनित शिक्षकों ने पुन: अपने दस्तावेज अपलोड किए हैं, जिसका शेष पात्र अभ्यर्थियों ने विरोध जताते हुए मांग की है कि नामों की पुनरावृत्ति ना की जाए।