समग्रता व एकात्मकता से विचार करके बने जनसंख्या नीति- दत्तात्रेय होसबाले
   Date20-Oct-2022

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वर्ष 2024 तक हिंदुस्तान के सभी मंडल शाखा युक्त होंगे
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि देश में जनसंख्या विस्फोट चिंताजनक है। इसलिए इस विषय पर समग्रता से व एकात्मता से विचार करके सब पर लागू होने वाली जनसंख्या नीति बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के संसाधन सीमित हैं। इस पर देश में जन जागरण व प्रबंधन की आवश्यकता है। सरकार्यवाह श्री होसबाले जी प्रयागराज के गौहनिया स्थित जयपुरिया स्कूल के वात्सल्य परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। श्री होसबाले ने कहा मतांतरण होने से हिंदुओं की संख्या कम हो रही है। देश के कई हिस्सों में मतांतरण की साजिश चल रही है। कुछ सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ भी हो रही है। सरकार्यवाह ने कहा कि जनसंख्या असंतुलन के कारण कई देशों में विभाजन की नौबत आई है। भारत का विभाजन भी जनसंख्या असंतुलन के कारण हो चुका है।
सभी मंडलों में शाखा पहुंचाने की योजना
संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि वर्ष 2024 के अंत तक हिंदुस्तान के सभी मंडलों में शाखा पहुंचाने की योजना बनाई गई है। उन्होंने बताया कि कई प्रांतों ने 99 प्रतिशत तक काम पूरा कर लिया है। चित्तौड़ ब्रज व केरल प्रांत में मंडल स्तर तक शाखाएं खुल गई हंै। सरकार्यवाह जी ने बताया कि पहले देश में 58 हजार स्थानों पर संघ की शाखाएं थी अब वर्तमान में 611000 से अधिक स्थानों पर शाखा लग रही है। साप्ताहिक मिलन में भी 4000 की बढ़ोतरी हुई है।
देश में तीन हजार निकले शताब्दी विस्तारक
सरकार्यवाह श्री होसबाले जी ने बताया कि वर्ष 2025 में संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस निमित्त संघ कार्य के लिए समय देने के लिए देशभर में तीन हजार युवक शताब्दी विस्तारक के नाते निकले हैं। अभी एक हजार शताब्दी विस्तारक और निकलने है।
साल भर में बढीं 6600 संघ की शाखाएं
श्री होसबाले जी ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों के जनजातीय समुदाय के लोगों में भी स्वाभिमान जागरण के कारण 'मैं भी हिन्दू हूंÓ का बोध विकसित हुआ है। उन्होंने कहा कि स्वाभिमान जागरण के कारण ही पूर्वोत्तर राज्यों के जनजातीय समुदाय के लोग अब संघ से भी जुडऩा चाहते हैं। उन्होंने बताया कि मेघालय और त्रिपुरा राज्य के जनजाति समुदाय के लोग संघ के परमपूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत को भी इस बोध के साथ आमंत्रित करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना की विभीषिका के कठिन समय में भी संघ ने अपने कार्यों के आयामों में अभूतपूर्व प्रगति की है।