आतंक के खिलाफ एकजुट हो दुनिया
   Date19-Oct-2022

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इंटरपोल की 90वीं आमसभा में प्रधानमंत्री का आव्हान
एजेंसी ठ्ठ नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन (इंटरपोल) के सदस्य देशों के पुलिस प्रतिनिधियों का मंगलवार आव्हान किया कि आतंकवाद, भ्रष्टाचार, नशीले पदार्थों की तस्करी, वन्यजीवों का शिकार, सायबर, वित्तीय और संगठित अपराधों का एकजुटता से मुकाबला करने और सायबर जगत में भी निगरानी एवं सुरक्षा को मजबूत बनाए जाने की जरूरत है। श्री मोदी ने राजधानी में इंटरपोल की 90वीं आमसभा को संबोधित करते हुए यह आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, आतंकवाद, भ्रष्टाचार, नशीले पदार्थों की तस्करी, वन्यजीवों का शिकार और संगठित अपराध पहले से अधिक हो रहे हैं। जब खतरे वैश्विक हों तो जवाबी कार्रवाई स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं हो सकती है। यह सही समय है जब विश्व एकजुट हो कर ऐसे खतरों को पराजित करें। उन्होंने कहा कि आज यह पर्याप्त नहीं है कि आतंकवाद से मुकाबला केवल भौतिक रूप से किया जाए। अब इसके आयामों में विस्तार हो रहा है और ऑनलाइन कट्टरवाद एवं सायबर खतरे लगातार बढ़ रहे हैं। इस मौके पर गृहमंत्री अमित शाह, इंटरपोल के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल अहमद नासिर अल रईसी और महासचिव जर्गन स्टॉक भी मौजूद थे।
संबोधन की प्रमुख बातें
1. इंटरपोल एक ऐतिहासिक मील के पत्थर के करीब पहुंच रहा है। 2023 में, यह अपने 100 साल पूरे करेगा। यह दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने के लिए सार्वभौमिक सहयोग का आह्वान है। भारत संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान में शीर्ष योगदानकर्ताओं में से एक है।
2. भारत आजादी के 75 वर्ष मना रहा है और ये हमारे लोगों, संस्कृति और उपलब्धि का उत्सव है। ये समय हमें पीछे देखने का है कि हम कहां से आए और आगे देखने का है कि हम कहां तक जाएंगे।
3. विविधता और लोकतंत्र को कायम रखने में भारत दुनिया के लिए एक केस स्टडी है। पिछले 99 वर्षों में इंटरपोल ने 195 देशों में विश्व स्तर पर पुलिस संगठनों को जोड़ा है। यह कानूनी ढांचे में अंतर के बावजूद है।
4. भारत संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान में बहादुर लोगों को भेजने में शीर्ष योगदानकर्ताओं में से एक है। अपनी आजादी से पहले भी, हमने दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने के लिए बलिदान दिया है। भारतीय पुलिस बल 900 से अधिक राष्ट्रीय और 10,000 राज्य कानूनों को लागू करता है।