निष्ठाभाव
   Date17-Oct-2022

prernadeep
प्रेरणादीप
व र्षा तेज हो रही थी, जिससे बाँध में एक छेद हो गया। राज्य के डूब जाने की आशंका को देखकर एक आदमी आगे बढ़ा और जहाँ से बाँध टूट रहा था, वहाँ लेट गया। थोड़ी देर में ठंड से उसका शरीर अकड़ गया तो उसे लोगों ने उठाकर आग के समीप पहुँचाया और बाँध पर उसकी जगह पर एक दूसरा व्यक्ति लेट गया। सारा गाँव इसी तरह पानी को तब तक रोके रहा, जब तक सरकारी कर्मचारी नहीं आ गए। इंजीनियर ने ग्रामीणों का त्याग देखकर कहा- 'जहाँ तुम लोगों के जैसे त्यागी व साहसी लोग हों, उस राज्य का कभी अहित नहीं हो सकता।Ó निष्ठासंपन्न साधनहीन हों तो भी कार्य साध लेते हैं।