खडग़े के लिए वोट मांगने पर गहलोत पर भड़के शशि थरूर
   Date15-Oct-2022

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बोले-गहलोत ने क्यों किया दिशा-निर्देशों का उल्लंघन
संवाददाता ठ्ठ भोपाल
कांग्रेस अध्यक्ष पद के प्रत्याशी शशि थरूर ने शुक्रवार को भोपाल में अपनी ही पार्टी को कठघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पार्टी की चुनावी आचार संहिता कहती है कि किसी भी प्रदेश प्रभारी, अध्यक्ष या मुख्यमंत्री को किसी उम्मीदवार का खुला समर्थन नहीं करना है तो फिर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अध्यक्ष पद के प्रत्याशी मल्लिकार्जुन खडग़े के साथ प्रचार क्यों किया? थरूर यहीं नहीं रुके, उन्होंने कांग्रेस हाईकमान और कांग्रेस इलेक्शन अथॉरिटी के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री को सुझाव दे डाला कि जब गलत हो रहा है तो उन्हें इस मामले को गंभीरता से देखना चाहिए।
दिग्विजय खेमा थरूर के साथ?
ड्डकांग्रेस अध्यक्ष पद के प्रत्याशी शशि थरूर भोपाल आए और उन्होंने कांग्रेस के अनेक नेताओं से चर्चा करते हुए समर्थन मांगा। समर्थन तक सबकुछ ठीक रहा, लेकिन पूर्व मु यमंत्री दिग्विजय सिंह के छोटे भाई और विधायक लक्ष्मण सिंह की थरूर के साथ लगातार उपस्थिति ने एक नई बहस छेड़ दी है। राजनीतिक गलियारों में इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं। चर्चा इस बात को लेकर है कि क्या दिग्विजय खेमा शशि थरूर के साथ है या फिर खडग़े और थरूर के समर्थन को लेकर मध्यप्रदेश में कांग्रेस दो फाड़ हो रही है। उल्लेखनीय है कि लक्ष्मणसिंह के बडे भाई दिग्वजय सिंह कांग्रेस अध्यक्ष पद की दौड़ से ऐनवक्त पर इसलिए बाहर हो गए थे क्योंकि खडगे का नाम सामने आ गया था। दिग्विजय की उ मीदवारी को लेकर उनके समर्थक खासे उत्साह में थे और उनके नामांकन की खबर मिलते ही वे बडी सं या में दिल्ली भी पहुंच गए थे। लक्ष्मणसिंह ने बडे भाई की उ मीदवारी को लेकर कहा था कि इससे कांग्रेस का भला ही होगा। लेकिन आखिरी मौके पर दिग्विजयसिंह से यह अवसर छिन गया। इसके बाद उन्होंने एक ट्वीट के जरिये अपना दर्द बयां करते हुए लिखा था कि 'चाह गई चिंता मिटी, मनुआ बे परवाह, जाके कछु नहीं चाहिए, वे शाहन के शाह।Ó