श्री महाकाल लोक का आजप्रधानमंत्री करेंगे लोकार्पण
   Date11-Oct-2022

rf4
उज्जैन द्य स्वदेश समाचार
द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल भगवान महाकालेश्वर न केवल देश-प्रदेश, बल्कि विश्व में प्रसिद्ध हैं। लाखों श्रद्धालु प्रतिवर्ष भगवान महाकालेश्वर की एक झलक पाने के लिए एकत्रित होते हैं। मोक्षदायी सप्तपुरियों में से एक अवंतिका में विराजित हैं भगवान महाकाल। भगवान शिव से जुड़ी कथाओं, ज्ञान, भक्तिभाव और तन-मन शिवमय हो सके, इसके लिए ही बनाया गया है 'श्री महाकाल लोकÓ। शासन द्वारा यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए हर तरह की सुविधा का बंदोबस्त किया गया है। श्री महाकाल लोक का लोकार्पण देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मंगलवार की शाम को किया जाएगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री भगवान महाकालेश्वर को समर्पित श्री महाकाल लोक स्तुति गान को भी लांच करेंगे। लांच करने के बाद तमाम सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर इसे देखा और सुना जा सकेगा। लोकार्पण के बाद क्षिप्रा नदी के किनारे कार्तिक मेला ग्राउंड पर प्रधानमंत्री जनसभा को संबोधित करेंगे।
भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे ने बताया कि, विदेश विभाग भाजपा मध्यप्रदेश द्वारा वर्चुअल गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. शर्मा शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान लगभग 40 देशों से जुड़े एनआरआई का स्वागत करते हुए मध्यप्रदेश विदेश विभाग के सह-संयोजक रोहित गंगवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 11 अक्टूबर को श्री महाकाल लोक के लोकार्पण कार्यक्रम की जानकारी दी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वर्चुअल गोष्ठी में उपस्थित सभी एनआरआई को संबोधित करते हुए बताया कि, महाकाल महाराज प्रांगण के परिसर में श्री महाकाल लोक की एक अद्भुद रचना हुई है। भगवान शिव की लीलाओं और कथाओं को भक्तगण जानें तथा हमारी आने वाली पीढ़ी भी इन कथाओं से परिचित हो सके, इसी उद्देश्य से हमारी सरकार ने इस हेतु कार्य करना शुरू किया और 2018 में श्री महाकाल लोक के अद्भुत, दिव्य और भव्य निर्माण की स्वीकृ ति दी। मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि 11 अक्टूबर को आप अपने-अपने देशों से ऑनलाइन माध्यम से ही श्री महाकाल लोक के लोकार्पण कार्यक्रम से जुड़ें और जब भी समय मिले तब महाकाल महाराज के दर्शन करने उज्जैन जरूर पधारें। मैं आप सभी को इस भव्य कार्यक्रम में आमंत्रित करता हूं। वर्चुअल कार्यक्रम जर्मनी, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, यूके, यूएआई, कनाडा, होलैंड, कुवैत समेत अन्य 40 देशों से जुड़े एनआरआई ने इस गोष्ठी में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए श्री महाकाल लोक के व्यापक प्रसार का आश्वासन दिया।
श्री महाकाल लोक को इस तरह से विकसित किया गया है कि पर्यटक और श्रद्धालु यहां खिंचे चले आएंगे। श्री महाकाल लोक का सौंदर्य मन मोहने वाला है। यहां पौराणिक कथाओं पर केन्द्रित भगवान शिव की लीलाओं पर ऐसी अधोसंरचना का निर्माण किया गया है, जिन्हें देखकर लोगों को धरती पर शिवलोक के दर्शन होंगे। श्री महाकाल लोक के लोकार्पण कार्यक्रम का प्रसारण लाइव किया जाएगा। श्री महाकाल लोक की अनुमानित लागत लगभग 856 करोड़ रुपए है। श्री महाकाल लोक पहुंचने के लिए चार भुजाओं वाले महाकाल ओवर ब्रिज से होकर त्रिवेणी संग्रहालय जाना होगा। संग्रहालय के ठीक सामने लगभग 450 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है।