मप्र में 7.50 लाख को मिला सुरक्षा कवच
   Date04-Jan-2022

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15 से 18 वर्ष वालों का टीकाकरण : पहले दिन ४० लाख बच्चों को मिला सुरक्षा कवच , पंजीयन वालों की संख्या 50 लाख पार
नई दिल्ली / भोपाल ठ्ठ (वा)
देश के नौनिहालों को कोरोना महामारी से बचाव के लिए टीकारूपी सुरक्षा कवच प्रदान करने का अभियान सोमवार से शुरू हो चुका है। देश में 3 जनवरी से 15 से 18 साल के बच्चों को कोरोना वैक्सीन लगाई जा रही है। रात्रि 12 बजे तक 40 लाख बच्चों को वैक्सीन की पहली डोज लग गई है। टीके के लिए रजिस्ट्रेशन कराने वालों की संख्या 50 लाख को पार कर चुकी है। वैक्सीनेशन और रजिस्ट्रेशन की संख्या तेजी से बढ़ रही है। मध्यप्रदेश में रात्रि 12 बजे तक 7.50 लाख से अधिक बच्चों को टीका लग चुका था। लक्ष्य 12 लाख डोज लगाने का रखा गया है। वहीं कोविन पोर्टल के डाटा के अनुसार अब तक सात लाख से अधिक किशोर-किशोरियों ने पंजीकरण करवा लिया है। उधर कोराना संक्रमण में तेजी को देखते हुए किशोर-किशोरियों को इसके खतरे से बचाने के लिए टीकाकरण को लेकर सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अलग-अलग टीका केंद्र बनाने की हिदायत दी है, ताकि कोविड वैक्सीन का घालमेल न हो पाए।
15-17 आयु वर्ग के किशोरों के टीकाकरण अभियान के पहले दिन रात आठ बजे तक 40 लाख से ज्यादा किशोरों को कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक लगाई गई।
मध्यप्रदेश के इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर समेत प्रदेश के सभी जिलों में वैक्सीनेशन शुरू हो गया है। गुना में 10वीं की छात्रा सुहानी (15) ने बताया कि कोरोना के केस बढ़ रहे हैं, इसलिए बचाव जरूरी है। माता-पिता ने भी जल्दी टीका लगवा लिया था। उसने भी सबसे पहले पहुंचकर टीका लगवाया। भोपाल टॉप टेन में भी नहीं है। यहां 3740 टीनएजर्स को ही टीका लगा है, जबकि टारगेट 40 हजार है। जबलपुर-ग्वालियर में 5-5 हजार से ज्यादा बच्चों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। दोनों जगहों पर 40 हजार का टारगेट है। छिंदवाड़ा, शिवपुरी और धार में 7-7 हजार से जयादा बच्चों को डोज दिया गया है। प्रदेशभर में पहले दिन करीब 7 हजार सेंटर पर 12 लाख डोज लगाने का टारगेट है।