मध्यप्रदेश को ऑनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में आदर्श बनाएं - मुख्यमंत्री
   Date11-Jan-2022

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भोपाल द्य 10 जनवरी (ब्यूरो)
प्रदेश में 100 उच्च शिक्षा संस्थानों में 459 पाठ्यक्रम के संचालन की मंजूरी दी गई है। इनमें 282 प्रमाण-पत्र और 177 डिप्लोमा पाठ्यक्रम शामिल हैं। विद्यार्थियों के लिए ये पाठ्यक्रम जीवन की राह पर आगे बढऩे में सहयोगी होंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश में 85 विषय के लिए परिणाम आधारित पाठ्यक्रम का निर्माण किया गया है। यह जानकारी आज मंत्रालय में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई उच्च शिक्षा विभाग की विभागीय समीक्षा बैठक में दी गई। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि कोरोनाकाल में प्रारंभ वर्चुअल कक्षाओं का संचालन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी सिद्ध हुआ है। सामान्य स्थितियों में भी इसका उपयोग होना चाहिए। मध्यप्रदेश को ऑनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में आदर्श बनाएं। उच्च शिक्षा विभाग ने 100 संस्थानों में 200 स्मार्ट क्लास के संचालन का कार्य किया है, जो सराहनीय है।
सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग में सक्रिय उच्च शिक्षा विभाग - प्रदेश के 100 उच्च शिक्षा संस्थानों में सूचना प्रौद्योगिकी अधो-संरचना सुदृढ़ीकरण में इसी तरह 75 कम्प्यूटर लैब और 59 इंटरनेट लीज लाइन का कार्य किया गया है। एकीकृत पोर्टल में 6 माड्यूल बना लिए गए हैं, शेष 12 माड्यूल का कार्य प्रगति पर है। डिजिटल रिपोजीटरी की स्थापना के लिए लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम का प्लेटफार्म तैयार किया गया है। कुल 21 विषय के 440 ई-कंटेंट तैयार कर लिए गए हैं।
घोषणाओं को किया गया पूरा - मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा छिंदवाड़ा के विश्वविद्यालय का नाम शहीद राजा शंकरशाह के नाम पर करने और बड़ोद और नलखेड़ा में विज्ञान संकाय प्रारंभ करने की घोषणा पूर्ण की गई है। साथ ही महिलाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हुए बहनों की पढ़ाई और उनकी आत्मनिर्भरता में योगदान देने के लिए प्रेरित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
छात्राओं और महिला शिक्षकों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देने की पहल भी की गई है।