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   Date26-Sep-2021

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नई दिल्ली द्य 25 सितम्बर (वा)
सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देश के आर्थिक विकास में सहकारिता की भूमिका को रेखांकित करते हुए आज कहा कि इसके लिए गांव-गांव में सहकारी समितियों का गठन किया जाएगा, नई सहकारी नीति लाई जाएगी और कानून में बदलाव किया जाएगा।
श्री शाह ने सहकारिता मंत्री बनने के बाद पहले राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2021-22 में नई सहकारिता नीति लाई जाएगी और इसके कामकाज में सुधार के लिए कानूनों में बदलाव किया जाएगा। हरेक दूसरे गांव में प्राथमिक सहकारिता समिति (पैक्स) के गठन के लिए भी कानूनी व्यवस्था की जाएगी ताकि देश में तीन लाख पैक्स का गठन हो सके। वर्तमान में करीब दस गांवों पर पैक्स की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के विकास के लिए राज्यों के साथ सहकार भाव से काम किया जाएगा और उनके साथ कोई टकराव नहीं होगा। उन्होंने सहकारिता क्षेत्र में आंतरिक परिवर्तन की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि इस क्षेत्र में चुनाव और भर्ती पारदर्शी तरीके
से होगी तथा कर्मचारियों का कौशल विकास करने के साथ ही उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। श्री शाह ने कहा कि सहकारिता के विस्तार के लिए साफ नीयत के साथ संकल्प लेना होगा और कठोर परीश्रम के साथ संघवाद के भाव से काम करना होगा, तभी सफलता मिलेगी। उन्होंने सहकारिता की प्रासंगिकता पर सवाल उठाने वालों को आड़ेहाथों लेते हुए कहा कि यह आज सबसे अधिक प्रासंगिक है। सहकारिता की आर्थिक शक्ति भले ही कम हो, लेकिन इससे सम्बद्ध लोंगों की ताकत बहुत अधिक है।