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   Date26-Sep-2021

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न्यूयॉर्क द्य 25 सितंबर (ए)
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संघ की प्रासंगिकता और विश्वसनीयता पर उठे सवालों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए विश्व समुदाय का आज आह्वान किया कि इस वैश्विक निकाय को विश्व व्यवस्था, वैश्विक कानूनों एवं वैश्विक मूल्यों के संरक्षण के लिए निरंतर सुदृढ़ करना होगा।
श्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें अधिवेशन को संबोधित करते हुए दो टूक शब्दों में विश्व शासन की इस सर्वोच्च संस्था की गिरती साख पर बेलाग टिप्पणी की। उन्होंने कहा, संयुक्त राष्ट्र को स्वयं को प्रासंगिक बनाए रखना है तो उसे अपनी प्रभावशीलता को सुधारना होगा, भरोसे को बढ़ाना होगा। संयुक्त राष्ट्र पर आज कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। इन सवालों को हमने जलवायु परिवर्तन के संकट में देखा है, कोविड के दौरान के देखा है। दुनिया के कई हिस्सों में चल रहे छद्म युद्ध -आतंकवाद और अभी अफगानिस्तान के संकट ने इन सवालों को और गहरा कर दिया है प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड
के उद्गम के संदर्भ में और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग को लेकर, वैश्विक शासन से जुड़ी संस्थाओं ने दशकों के परिश्रम से बनी अपनी विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने विश्व समुदाय का आह्वान करते हुए कहा, यह आवश्यक है कि हम संयुक्त राष्ट्र को विश्व व्यवस्था, वैश्विक कानूनों एवं वैश्विक मूल्यों के संरक्षण के लिए निरंतर सुदृढ़ करें।
काम समय पर न हो तो सफलता नाकाम - प्रधानमंत्री मोदी ने चाणक्य को कोट करके संयक्त राष्ट्र पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चाणक्य ने सदियों पहले कहा था। जब सही समय पर सही काम नहीं किया जाता तो समय ही उस काम की सफलता को नाकाम कर देता है। इसलिए, संयुक्त राष्ट्र को खुद में सुधार करना होगा। कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इन सवालों को कोविड, आतंकवाद और अफगान संकट ने और गहरा कर दिया है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए करोड़ों वैक्सीन लगा रहे - देश में चल रहे वैक्सीनेशन कार्यक्रम की उपलब्धियां गिनाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए एक ही दिन में करोड़ों डोज लगाए जा रहे हैं। भारत सीमित संशाधनों के बावजूद वैक्सीन डेवलपमेंट में जी जान से जुटा है। हमने पहली डीएनए वैक्सीन डेवलप कर ली है। इसे 12 साल से ऊपर के सभी लोगों को लगाया जा सकता है। एक आरएनए वैक्सीन और एक नेजल वैक्सीन तैयार की जा रही है। भारत ने जरूरतमंद देशों को वैक्सीन देना फिर शुरू कर दिया है। मैं दुनिया के वैक्सीन मैन्युफैक्चरर्स से कहना चाहता हूं। कम मेक वैक्सीन इन इंडिया।
ग्लोबल चेन और टेक्नोलॉजी जरूरी - प्रधानमंत्री मोदी ग्लोबल चैन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना से दुनिया को सबक मिला है कि वैश्विक व्यवस्था को और विकेंद्रित किया जाए। ग्लोबल चेन वैक्सीनेशन जरूरी है। डेमोक्रेसी के साथ टेक्नोलॉजी भी जरूरी है। भारतीय मूल के डॉक्टर या प्रोफेशनल्स किसी भी देश में रहें, उन्हें हमारे मूल्य मानवता की सेवा करने का लक्ष्य देते रहते हैं।
बचपन में चाय बेचने की घटना का जिक्र किया - क्लीन और ग्रीन एनर्जी पर जोर देते हुए मोदी ने कहा कि बड़े और विकसित देशों की तुलना में भारत का क्लाइमेट एक्शन देखकर लोग चकित हैं। हम भारत को सबसे बड़ा ग्रीन हाइड्रोजन हब बनाने में जुटे हैं। भारत के लोकतंत्र की ताकत है कि एक छोटा बच्चा, जो कभी रेलवे स्टेशन की टी स्टॉल पर पिता की मदद करता था, वह आज चौथी बार भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर सरां को संबोधित कर रहा है।