narendra giri
   Date21-Sep-2021

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प्रयागराज ठ्ठ 20 सितम्बर (वा)
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि का संदिग्धावस्था में आज निधन हो गया। उनका शव अल्लापुर बाघम्बरी गद्दी मठ के एक कमरे में पंखे से लटका मिला। वह 58 वर्ष के थे।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि मौके पर डॉग स्क्वाड और फॉरेंसिक टीमें जांच कर रही हैं। पुलिस अधिकारी मठ से संबंधित लोगों से भी पूछताछ कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया फांसी लगाकर आत्महत्या का मामला लग रहा है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत स्वामी हरि गिरि ने कहा कि अभी कुछ बताने का समय नहीं है। सभी साधु-संत फिलहाल गहरे शोक में हैं। इस बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष मंहत नरेंद्र गिरि के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए अपूरणीय क्षति बताया। ईश्वर पुण्य आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान व उनके अनुयायियों को यह दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करें। भावभीनी श्रद्धांजलि।
सुसाइड नोट मिला-आईजी रेंज केपी सिंह ने बताया कि मौके से 7 पेज का सुसाइड नोट मिला है। इसमें महंत नरेंद्र गिरि ने वसीयतनामा की तरह लिखा है, इसमें शिष्य आनंद गिरि का भी जिक्र है। नरेंद्र गिरि ने अपने सुसाइड नोट में यह जिक्र भी
किया है कि किस शिष्य को क्या देना है? कितना देना है? सुसाइड नोट में यह भी लिखा है कि वह अपने कुछ शिष्यों के व्यवहार से बहुत ही आहत और दुखी हैं और इसीलिए वह सुसाइड कर रहे हैं। पहली नजर में यह सुसाइड का ही मामला समझ में आ रहा है।पुलिस सूत्रों के अनुसार श्री गिरि के पास एक सुसाइड नोट मिला है। पुलिस के मुताबिक महंत गिरि के निधन के बारे में उनके शिष्यों ने शाम को फोन पर सूचना दी। वहां मिले करीब सात पृष्ठ के सुसाइड नोट में उन्होंने विस्तार से सारी जानकारियां दी हैं। इस बीच, महंत गिरि के शिष्य आनंद गिरि ने इस मामले में अपने विरुद्ध लगे आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि यह उनके खिलाफ साजिश है और इसमें कई लोग शामिल हैं। आनंद गिरि ने कहा, मैं किसी भी जांच के लिए तैयार हूं। आनंद गिरि ने कहा कि वह इस वक्त अहमदाबाद में हैं और प्रयागराज जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि महंत नरेंद्र गिरिजी का देहावसान अत्यंत दुखद है।