gaya
   Date21-Sep-2021

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पितृपक्ष : मोक्षनगरी गयाजी में पिंडदान शुरू
गया ठ्ठ 20 सितम्बर (वा)
देश-विदेश में मोक्षनगरी के रूप में विख्यात गयाजी में सोमवार को पितृपक्ष के मौके पर अपने पितरों को मोक्ष दिलाने के लिए देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने पिंडदान शुरू दिया। बिहार के गया में आज से पितृपक्ष का आरंभ हो गया है। देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालु गयाजी में श्राद्ध कर रहे हैं और मोक्षदायिनी फल्गु नदी में तर्पण कर रहे हैं। इस बार श्रद्धालुओं की संख्या कुछ कम है। हालांकि, पिछले साल पितृपक्ष के दौरान श्रद्धालु ना के बराबर आए थे, क्योंकि उस समय तालाबंदी थी। पितृपक्ष के आज प्रथम दिन हजारों की संख्या में तीर्थयात्री देवघाट एवं फल्गु नदी के तट पर पहुंचे और पिंडदान कर्मकांड की प्रक्रिया शुरू की।
ठ्ठ पितृपक्ष के शुभारंभ पर श्रद्धालु फल्गु नदी में बैठकर अपने पुरखों के आत्मा की शांति के लिए पूरे विधि-विधान के साथ पिंडदान और तर्पण कर रहे हैं। इस दौरान तीर्थयात्रियों द्वारा कोविड-19 का भी अनुपालन किया जा रहा है।
ठ्ठ पंडित सुजीत कुमार मिश्रा ने बताया कि सरकार द्वारा जारी कोविड-19 गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए पिंडदान की प्रक्रिया सम्पन्न कराई जा रही है। मास्क, सेनिटाइजर एवं आपस में दूरी रखने की सलाह तीर्थयात्रियों को दी जा रही है। एक जगह पर तीर्थयात्रियों की भीड़ ज्यादा ना हो, इस बात का भी ख्याल रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि गयाजी में पिंडदान का अलग महत्व है।
यहां पिंड और बाल अर्पित करने की प्रथा है, इससे पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, स्वयं भगवान श्रीराम गयाजी आए थे और अपने पिता राजा दशरथ का पिंडदान किया था।