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   Date26-Aug-2021


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नई दिल्ली ठ्ठ 25 अगस्त (ए)
प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि तालिबान का अफगानिस्तान पर कब्जा अपेक्षित था लेकिन जितनी तेजी से यह हुआ उससे सभी हैरान हैं।
जनरल रावत ने बुधवार को ऑब्जरवर रिसर्च फाउंडेशन के एक कार्यक्रम में भारत-अमेरिका साझेदारी- 21वीं सदी की सुरक्षा विषय पर अपने संबोधन में यह भी कहा कि भारत किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने की योजना पहले से ही बना रहा है। उन्होंने कहा जो कुछ भी हुआ वह पहले से ही अपेक्षित था केवल समय बदला है। अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा अपेक्षित था। हम इस बात को लेकर चिंतित थे कि अफगानिस्तान से आतंकवादी गतिविधि भारत में कैसे हो सकती हैं। हमारी आकस्मिक योजना चल रही थी और हम इसके लिए तैयार थे। जनरल रावत ने कहा कि तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जे से निश्चित रूप से हमें हैरानी है हमें लगता था कि इसमें कुछ महीने का समय लगेगा। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद से अंतरराष्ट्रीय समुदाय चिंतित है। भारत पर विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर में इसके असर को लेकर कई तरह की आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं।
क्वाड देश शेयर करें खुफिया जानकारी
जनरल रावत ने कहा कि भारत क्षेत्र में आतंकवाद मुक्त माहौल सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा जहां तक अफगानिस्तान का सवाल है, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि वहां से भारत पहुंचने वाली किसी भी गतिविधि से उसी तरह निपटा जाए जैसे हम अपने देश में आतंकवाद से निपट रहे हैं। सीडीएस ने कहा मुझे लगता है कि अगर क्वाड देशों से कोई समर्थन मिलता है, कम से कम आतंकवादियों की पहचान और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक युद्ध लडऩे के लिए खुफिया जानकारी के तौर पर, तो मुझे लगता है कि इसका स्वागत किया जाना चाहिए।
20 सालों में नहीं बदला है तालिबान
जनरल रावत ने कहा कि तालिबान बीते 20 साल में भी नहीं बदला है और सिर्फ उसके सहयोगी बदले हैं। उन्होंने कहा यह काफी कुछ वैसा ही है। यह वही तालिबान है जो 20 साल पहले था। खबरों और वहां से आए लोगों से मिल रही जानकारियां हमें वही बता रही हैं जो तालिबान करता रहा है। अगर कुछ बदला है तो वे हैं उसके साझेदार। यह वही तालिबान है दूसरे सहयोगियों के साथ।