nagpur
   Date22-Aug-2021

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नागपुर ठ्ठ 21 अगस्त (ए)
तालबानी आतंकियों के अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद एक तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। यह तस्वीर नूर मोहम्मद उर्फ अब्दुल हक की बताई जा रही है। नूर को लेकर यह खुलासा हुआ है कि यह वही व्यक्ति है, जिसे 23 जून 2021 को नागपुर से डिपोर्ट कर अफगानिस्तान भेजा गया था। उसकी उम्र 30 साल की है। नूर तकरीबन 10 साल तक नागपुर में रूप बदलकर रहा था। नूर के आतंकी बनने की जानकारी मिलने के बाद अब नागपुर पुलिस फिर सक्रिय हो गई है और उसके यहां रहने के दौरान मिलने वाले लोगों से पूछताछ कर रही है। नागपुर के दिघोरी इलाके में कई साल तक छिपकर रह रहे नूर मोहम्मद को 16 जून 2021 को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद हुए मेडिकल में उसकी बॉडी पर गोली के निशान मिले थे। उसके मोबाइल फोन से कई वीडियो भी मिले थे। अफगानिस्तान दूतावास की ओर से उसके तालिबानी होने की पुष्टि होने के बाद उसे यहां से डिपोर्ट कर उसके देश भेज दिया गया था।
टूरिस्ट वीजा पर आया था नागपुर-नागपुर पुलिस के मुताबिक, नूर साल 2010 में 6 महीने के टूरिस्ट वीजा पर यहां आया था। बाद में, उसने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (हृ॥क्रष्ट) में अपने लिए शरणार्थी का दर्जा मांगने के लिए आवेदन किया था, लेकिन उसका आवेदन खारिज कर दिया गया था। तब से वह नागपुर में अवैध रूप से रह रहा था। नूर अविवाहित था और यहां कंबल बेचने का काम करता था। उसकी गिरफ्तारी के बाद उसके किराये के घर की तलाशी में पुलिस को ज्यादा कुछ नहीं मिला था।
नूर का भाई था तालिबान का लड़ाका-एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि नूर मोहम्मद का असली नाम अब्दुल हक है और उसका भाई तालिबान के साथ काम करता था।