bhopal
   Date22-Aug-2021

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भोपाल ठ्ठ 21 अगस्त (ब्यूरो)
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने आज प्रदेश के 10 अस्पतालों में नव स्थापित ऑक्सीजन संयंत्रों का वर्चुअली लोकार्पण किया। लगभग साढ़े 6 करोड़ रुपए की लागत वाले इन 10 ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता 5500 एलपीएम (लीटर प्रति मिनिट) ऑक्सीजन उत्पादन की है। लोकार्पित हुए ये प्लांट सीहोर जिले में आष्टा और रेहटी, विदिशा जिले में विदिशा और सिरोंज, खरगोन जिले में खरगोन और बड़वाह, सागर जिले में खुरई के अलावा कटनी, टीकमगढ़ और नरसिंहपुर में स्थापित किए गए हैं।
प्रदेश में मार्च 2020 की स्थिति में किसी भी सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट नहीं था। प्रदेश में 190 ऑक्सीजन संयंत्र लगाए जा रहे हैं। इनमें से अभी तक 68 प्लांट्स स्थापित और 65 प्लांट्स क्रियाशील किए जा चुके हैं। सितम्बर माह तक शेष सभी प्लांट्स क्रियाशील हो जाएंगे।
कोविड के दौर में समझा ऑक्सीजन का महत्व-मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है कि प्रदेश में ऑक्सीजन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के प्रयास जीवन की सौगात की तरह हैं। कोविड के दौर में हम ऑक्सीजन का महत्व समझ चुके हैं।
दूसरी लहर में ऑक्सीजन का मतलब था जिंदगी और ऑक्सीजन मिलने में देर होने का मतलब था जीवनलीला की समाप्ति। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्तमान के साथ भविष्य का आंकलन भी करते हैं। उनके प्रयासों से मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों को समय पर ऑक्सीजन मिली, जिसके फलस्वरूप अनमोल जिंदगियों को बचाया जा सका। ऑक्सीजन में मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य जारी है। टैंकरों की व्यवस्था करना बहुत बड़ी समस्या थी। प्रधानमंत्री के आशीर्वाद से यह संभव हो सका।
सभी जिलों में सीटी स्केन व्यवस्था होगी
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह भी तय कर लिया है कि अक्टूबर माह तक सभी जिलों में सीटी स्केन की व्यवस्था उपलब्ध होगी। प्रदेश के 30 जिलों में 32 स्लाइस की सीटी स्केन मशीन लगाने के लिए कार्य पूर्णत: की ओर है। इसके साथ ही स्वास्थ विभाग के अंतर्गत शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में 784 आई.सी.यू. बेड्स क्रियाशील किए गए हैं। सितम्बर माह तक 650 अतिरिक्त आई.सी.यू. बेड क्रियाशील होंगे। इन संस्थाओं में 11 हजार 156 ऑक्सीजन बेड्स कियाशील किए गए हैं। सितम्बर माह तक इनकी कुल संख्या 14 हजार 255 हो जाएगी। कोविड-19 परिदृश्य में सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में 2993 आई.सी.यू. बेड्स थे। इनकी संख्या सितम्बर तक अतिरिक्त 445 बेड्स मिलाकर 3438 हो जाएगी। कोविड-19 की तीसरी लहर में शिशुओं के संक्रमित होने की आशंका को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध 200 पीडिऐट्रिक आईसीयू बेड्स के अतिरिक्त 350 नए पीडिएट्रिक आईसीयू बेड्स का प्रबंध हो रहा है।