अफगानिस्तान के 18 प्रांतों पर तालिबान ने किया कब्जा
   Date14-Aug-2021

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काबुल ठ्ठ 13 अगस्त (वा)
तालिबान 7 दिन में अफगानिस्तान के दूसरे सबसे बड़े शहर कंधार समेत 18 प्रांतों पर कब्जा कर चुका है। वहीं, तालिबान के खिलाफ लडऩे वाले लोग भी अब समर्पण करने लगे हैं। अफगानिस्तान के हेरात प्रांत के गर्वनर रहे इस्माइल खान इस वक्त तालिबान के कब्जे में हैं। वे तालिबान के खिलाफ लडऩे वाले प्रमुख लोगों में शामिल थे, लेकिन अब उन्होंने तालिबान के आगे समर्पण कर दिया है।
इस्माइल खान अफगानिस्तान में भारत के करीबी दोस्त थे। उन्होंने हेरात में भारत की मदद से बने सलमा बांध के निर्माण में अहम भूमिका निभाई थी। इस डैम का इनॉगरेशन 4 जून 2016 को किया गया था। ये हेरात के चिश्ती शरीफ जिले में स्थित हारी नदी पर बना है। बाद में इसका नाम सलमा डैम से बदलकर अफगानिस्तान-इंडिया फ्रेंडशिप डैम कर दिया गया था। तालिबानियों ने इस डैम पर भी कब्जा कर लिया है।
पाक सेना से अफगानियों की झड़प-अफगानिस्तान में मची भगदड़ के बीच पाकिस्तान के चमन बॉर्डर पर माहौल गर्म है। यहां अफगानिस्तान छोडऩे वाले लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ है। पलायन कर रहे लोग शुक्रवार को पाकिस्तानी सेना से भिड़ गए। तालिबान ने अफगानिस्तान की ओर से इस सीमा को अपने कब्जे में लेकर सीमा को सील कर दिया है। लोगों को पाकिस्तान जाने की इजाजत नहीं है।
4 हजार सैनिकों और कर्मचारियों का समर्पण- तालिबान के एक सूत्र के मुताबिक जाबुल के गवर्नर हमीदुल्लाह तोखी ने भी आत्मसमर्पण कर दिया है। वहीं, कंधार शहर पर तालिबान के कब्जे के दौरान अफगान सुरक्षा बलों और काबुल प्रशासन के अधिकारियों ने यहां के एयरपोर्ट पर शरण ली थी। ये सुरक्षित ठिकाना माना जा रहा था, लेकिन आज कंधार एयरपोर्ट भी तालिबान के कब्जे में आ गया है। तालिबान सूत्रों के मुताबिक बिना लड़ाई के अफगान बलों ने हथियार डाल दिए हैं। एक तालीबान सूत्र ने दावा किया है कि 4 हजार सैनिकों और कर्मचारियों ने आत्मसमर्पण किया है।